मंगलवार दोपहर को फिर भूकंप के झटके लगे, धरती को हिलता देख हर कोई चौंका, जो जैसे था वैसे ही घरों और दफ्तरों से बाहर की ओर दौड़ लिया। चिंता थी कहीं अनहोनी घटना न घटित हो जाए। काफी देर बाद कर्मचारी, दुकानदार और स्टाफ ने भवनों में प्रवेश किया। लोग भूकंप के बाद एक दूसरे का हाल लेते रहे।
घड़ी की सुइयां दोपहर 12.48 के करीब थीं। तभी धरती में कंपन सा महसूस हुआ हर कोई चौंका, एक दूसरे से सवाल क्या भूकंप आ गया। इसके बाद तो 17 दिन पूर्व आए भूकंप से मची तबाही आंखों के सामने आ गई। लोग घरों, दुकान और दफ्तरों से बाहर की और दौड़ लिए। अनहोनी की आशंका के चलते काफी देर तक लोग खुले में खड़े रहे।
मंगलवार का दिन लोगों को दहशत में डालने वाला रहा। दोपहर करीब 12.48 बजे के करीब जब भूकंप के झटके महसूस हुए तो लोग घर पर आराम या फिर दफ्तरों में काम कर रहे थे। शुरूआत में तो कुछ समझ में नहीं आया लेकिन जब झटके काफी देर तक महसूस हुए तो लोगों ने बाहर की ओर दौड़ लगा दी। विकास भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी दोपहर में कार्यालयों के बाहर खड़े दिखाई दिए। जर्जर बिल्डिंगों में रहने वालों के माथे पर ज्यादा चिंता की लकीरें थीं। थाना दक्षिण के कार्यालय का स्टाफ पुराना भवन होने के कारण बाहर की ओर दौड़ा। यही स्थिति कई स्कूल कालेजों में देखने को मिली। कई स्कूलों में स्टाफ तक बिल्डिंग से बाहर की ओर दौड़ा। कटरा सुनारान में रहने वाले हिकमत उल्ला खां के घर में 25 अप्रैल को आए भूकंप के दौरान मकान में दरारें पड़ गई थीं। मंगलवार को उनका परिवार काफी सहमा दिखाई दिया। बैंकों के साथ-साथ मॉल का स्टाफ तक बाहर की ओर दौड़ लगाता दिखा। भूकंप आने के साथ ही लोग टीवी चैनलों और फोन पर कहां कितनी तबाही मची इसकी जानकारी करते नजर आए। उसायनी निवासी अमरनाथ शर्मा ने कहा जमीन हिली तो उनका पैर सीढ़ी से फिसल गया। खुद को संभाला तो लगा कि धरती हिल रही है। टूंडला कसबा में भूकंप के झटकों को लोगों ने महसूस किया। शिकोहाबाद में कहीं कंप्यूटर की स्क्रीन हिलती दिखाई दी तो कहीं पानी का गिलास। जसराना व सिरसागंज, फरिहा व खैरगढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए।
शासन ने पुलिस प्रशासन को किया अलर्ट
भूकंप के झटके लगने के बाद शासन भी सक्रिय हो गया। शासन के सचिव की ओर से सभी एसडीएम, सीओ एवं थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने क्षेत्र के जर्जर भवनों का चिन्हांकन करें। किसी प्रकार की कोई सूचना मिले तो तत्काल कंट्रोल रूम को दें।
सोशल मीडिया पर भूकंप के चर्चे
भूकंप के झटके महसूस होने के साथ सोशल नेटवर्क पर सूचनाएं वायरल होना शुरू हो गईं। किसी ने कहा बंद हुए तो किसी ने स्टाफ की फोटो ही करके भेज दी। एक दूसरे से भूकंप के केंद्र की जानकारी करते रहे।