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फिर कांपी धरती, हाईअलर्ट जारी

Sun, 26 Apr 2015 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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सुहागनगरी में रविवार को आमजन ने भूकंप के झटके महसूस किए। धरती के कांपने से टापाकलां में दो मकानों में दरारें पड़ गईं। वहीं प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। जिले के सभी स्कूल (27 व 28 अप्रैल) को बंद रखने के आदेश दिए हैं। आपदा से निपटने को विभागों को तैयार रहने के आदेश दिए हैं।
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शनिवार को आए भूकंप के झटकों की चर्चाएं रविवार सुबह भी चल रही थीं। तभी करीब 12.43 मिनट पर लोगों को धरती में कंपन महसूस हुआ। टेबल पर रखा पानी का गिलास हिला तो मुहम्मदगंज निवासी नसीर अहमद के घर लगी झाड़ की घंटियां बजने लगी। तिलक नगर निवासी सत्येंद्र शर्मा के घर लगा पंखा हिलने लगा। भूकंप आते ही घर और दुकानों से लोग बाहर की और दौड़ लिए। टापाकलां निवासी नागेंद्रबाबू के मकान में दरार पड़ गई। मकान के गिरने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सामान बाहर निकाल लिया। वहीं सुरेशचंद्र बौद्ध के मकान का छज्जा चटक गया। टूंडला के साथ शिकोहाबाद व सिरसागंज, जसराना, फरिहा एवं एका में भी झटके महसूस किए गए। डीएम विजय किरन आनंद ने सभी स्कूल 27 व 28 अप्रैल को बंद रखने के आदेश दे  दिए हैं। जिले को हाईअलर्ट पर रखा है।  

थाने, चौकी प्रभारियों को दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के साथ हर घंटे की सूचना कंट्रोल रूम को देंगे।
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कंट्रोल रूम स्थापित
एडीएम कर्र्मेंद्र सिंह ने बताया कि भूकंप की आशंका को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना (05612) 285144 पर दे सकते हैं।

आपदा प्रबंधन की टीम अलर्ट
एडीएम ने कहा कि लखनऊ से आपदा का प्रशिक्षण लेकर आए 15 मास्टर ट्रेनरों को अलर्ट कर दिया है वहीं 105 गांवों के ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया है। ताकि वह आपदा से निपट सकें।

भूकंप की आशंका से पूरी रात्रि जागे लोग
नेपाल में भूकंप से मची तबाही को देखकर सुहागनगरी के बाशिंदे भी काफी परेशान थे। टीवी चैनलों पर भूकंप के झटके आने के अंदेशे पर लोग रात भर जागते रहे मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में रहने वाले लोगों में ज्यादा भय दिखाई दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
आपदा से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीएमओ डॉ एनएल यादव ने कहा कि कोई भी घायल मरीज आता है तो तुरंत इलाज किया जाए। जिले में सीएचसी सात, ब्लाक पीएचसी पांच, 102 एंबुलेंस सेवा 24, 108 एंबुलेंस 11 हैं।

बड़े हादसों में खुल जाती है आपदा प्रबंधन की पोल
ट्रेन हादसे के दौरान आरएसएस, एनसीसी ने आगे बढ़कर संभाली थीं व्यवस्थाएं
शहर में लगाई पब्लिक एड्रेस सिस्टम प्रणाली पड़ी हुई है फेल
भूकंप के आने की संभावनाओं की जनता को दे सकते थे सूचनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं चाक चौबंद किए जाने के भले ही लाख दावे किए जा रहे हों लेकिन जिले में होने वाली बड़ी घटनाओं के दौरान अव्यवस्थाएं दिखाई देती हैं। अगस्त 1995 में जिले में हुए ट्रेन हादसे के दौरान प्रशासन की व्यवस्थाएं पूरी ही तरह से फेल दिखाई दी थीं। समाजसेवी संगठन आरएसएस व एनसीसी कैडिटों के द्वारा ट्रेन की बोगियों में फंसे हुए घायल यात्रियों को निकालने और उपचार दिलाने में मदद की थी। शहर की जनता को अलर्ट करने को तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह के द्वारा नगर क्षेत्र के प्रमुख थानों, चौराहों एवं चौकियों पर लगाए गए पब्लिक एड्रेस सिस्टम फेल हो गए। थानों पर तो सिर्फ माइक ही खंभों पर लगे दिखाई देते हैं। जबकि यह सिस्टम नगर कंट्रोल से संचालित ही होना था। जिला अस्पताल में बड़े हादसा होने पर व्यवस्थाएं ठीक दिखाई नहीं देतीं।

जर्जर भवन बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे भूकंप के झटके
निगम और विप्रा के अफसरों को बड़े हादसे का इंतजार
न भवन का चिन्हांकन कराया और न ही स्वामियों को दिए चेतावनी नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। सुहागनगरी के भीड़ भरे बाजार में कई भवन ऐसे हैं कि धरती थोड़ी तेज कांपी तो यह ताश के पत्तों की तरह धराशाई हो जाएंगे। बावजूद इसके निगम के अधिकारी हों या फिर विप्रा किसी का ध्यान इन जर्जर भवनों की ओर नहीं है।

कोटला रोड : कोटला रोड स्थित छोटे हनुमान मंदिर के पास वर्षों पुराना भवन जर्जर है। छज्जा गिरासू हालत में हैं। इस मार्ग पर धार्मिक आयोजन से संबंधित शोभायात्राएं भी निकलती हैं। काफी व्यस्त मार्ग होने के कारण यदि भवन गिरा तो बड़ा हादसा होगा।
पुराना डाकघर : का भवन काफी जर्जर हो गया है। कई बार मलवा गिर चुका है। कर्मचारी घायल भी हुए। मुख्य डाकघर सुहागनगर में बन गया। लेकिन भवन के तोड़ने की कार्रवाई नहीं की गई।
गंज मोहल्ला :सर्वाधिक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है। एक दो ही नहीं बल्कि कई भवनों की बिल्डिंग काफी जर्जर अवस्था में पहुंच गई। छज्जा गिरासू है, इसके बाद निगम के द्वारा आजतक भवन स्वामी को नोटिस देना उचित नहीं समझा।
सदर बाजार: शहर का मुख्य बाजार। हमेशा भीड़ का रेला यहां चलता है। गंज चौराहे से शास्त्री मार्केट, घंटाघर, छोटा चौराहे, नालबंद तक कई ऐसे जर्जर भवन हैं, जो भूकंप के तेज झटकों को नहीं झेल सकते। निगम के मार्केट की बिल्डिंग काफी जर्जर है। दुकानदारों ने खुद ही ठीक कराया। लेकिन झटके तेज हुए तो बड़ा हादसा होगा।

जर्जर भवनों में चल रहे स्कूल
फीरोजाबाद। भूकंप को लेकर पूरे जिले में अलर्ट है वहीं जर्जर भवनों में चलने वाले स्कूलों में बच्चे पढ़ने को विवश हैं। कई भवन तो गिरासू हालत में हैं। कई का आए दिन प्लास्टर उखड़ता रहता है।

विद्यालया नंबर एक: कटरा में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय कटरा पठानान और प्राइमरी विद्यालय कटरा बालक एक ही परिसर में संचालित हैं। विद्यालय की छत एक बल्ली के सहारे टिकी हुई है। ना शासन को पता है ना विभाग इसे ठीक करने की सोचता है।
विद्यालय नंबर दो: प्राथमिक विद्यालय हुंडावाला बाग। यहां कि बिल्डिंग पूरी तरह खंडहर के रूप में है। बच्चे भी खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
विद्यालय नंबर तीन: प्राथमिक विद्यालय रोशनगंज और प्राथमिक विद्यालय माता वाला बाग एक भवन में संचालित हैं। यहां का भवन पूरी तरह जर्जर बना हुआ है। पानी बरसने पर कमरों में पानी आता है।
विद्यालय नंबर चार
प्राथमिक विद्यालय कटरा कन्या: विद्यालय की छत जर्जर बनी हुई है। तेज हवा चलन पर भी नौनिहाल खतरा महसूस करते हैं। शनिवार को आए भूकंप का नाम सुनकर तो शिक्षक और छात्र एकदम सहम गए।

भवन स्वामी मरम्मत तक नहीं कराते
जो परिषदीय स्कूल किराए के भवन में संचालित हैं, उनका किराया 70 से 200 रुपयेे तक है। इसलिए भवन स्वामी स्कूलों को खाली कराना चाहते हैं। कुछ ने मकान की छत जानबूझकर तोड़ दी है। विभाग और भवन स्वामी की लड़ाई कहीं हादसों का सबब ना बन जाए।
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