फिरोजाबाद। पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड को सरेंडर किए जाने एवं वसूली संबंधी कोई आदेश नहीं दिए जाने के खाद्य आयुक्त का स्पष्टीकरण आने के बाद राशनकार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या सोमवार को घट गई। जो लोग रिकवरी के डर से राशनकार्ड सरेंडर करने की तैयारी कर रहे थे उन्होंने कदम पीछे खींच लिए हैं। यही कारण रहा कि हर दिन पांच सौ से छह सौ लोग कार्ड सरेंडर कर रहे थे वह संख्या घटकर मात्र 60 से 65 के बीच रह गई। यह क्रम और कम हो जाएगा।
पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड सरेंडर करने वालों की शनिवार तक पूर्ति विभाग में कतार लगी दिखाई देती थी। सोमवार को विभाग खाली-खाली दिखाई दिया। यही नहीं विभाग के पास राशनकार्ड सरेंडर करने वालों की संख्या काफी तेजी से घट गई। शुक्रवार एवं शनिवार को पांच सौ से लेकर छह सौ तक राशनकार्ड सरेंडर हो रहे थे। वहीं सोमवार को साठ से 65 के करीब पहुंचे। क्योंकि प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त सौरभ बाबू ने सोमवार को स्पष्ट कर दिया कि किसी से राशन सामग्री की धनराशि वसूली तथा अपात्रता के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है।
इस संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी के घर पर एसी, आयकर दाता एवं सरकारी नौकरी एवं पेंशन इतनी है कि वह टैक्स अदा कर रहे हैं या फिर जिसके पास दो-दो शस्त्र लाइसेंस हैं तथा जिस परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक है उन्हें अपने पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड सरेंडर करेंगे। क्योंकि अपात्रता श्रेणी के यह नियम पहले से बने हुए हैं। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी सतीशचंद्र ने बताया सोमवार को 60 से 65 के करीब राशन कार्ड सरेंडर के प्रार्थनापत्र आए हैं।