फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्या के बाद नाली में फेंका बच्ची का शव

Wed, 24 Jun 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार रात रोडवेज बस स्टैंड से अगवा की गई एक साल की मासूम बच्ची की हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह उसका शव बदनाम बस्ती की दो नंबर गली की नाली में पड़ा मिला। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम में भी उसकी मौत मुंह भींचने के कारण दम घुटने से होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन

जिस मासूम बच्ची की हत्या की गई, उसका नाम कंचन था और वह मैनपुरी के थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव नगला डूड निवासी प्रकाश चंद्र जाटव की बेटी थी। प्रकाश चंद्र रविवार को अपनी पत्नी संगीता, बेटी कंचन व तीन वर्ष के पुत्र विपिन  के साथ काम की तलाश में फीरोजाबाद आए थे। सोमवार को मजदूरी करने के बाद उन्होंने किराए पर घर की तलाश की, लेकिन कोई घर नहीं मिला। इसके चलते यह परिवार  रोडवेज बस स्टैंड पर एक पेड़ के नीचे कपड़ा बिछाकर सो गया। रात करीब साढ़े दस बजे प्रकाश चंद्र की आंख खुली तो उसकी बेटी कंचन गायब थी। उसने अपनी पत्नी संगीता को जगाया और उसके बाद बेटी की तलाश की। सूचना मिलने पर सीओ सिटी राजेश चौधरी के साथ कोतवाल दक्षिण भी  पहुंच गए। क्यूआरटी के जवानों को भी मौके पर बुला लिया गया। बच्ची नहीं मिली तो पुलिस ने कार्रवाई बंद कर दी। मंगलवार तड़के गली नंबर दो, बदनाम बस्ती में बच्ची का शव मिला। जानकारी पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मोहल्ले वासियों ने कीचड़ में सने शव को नहलाकर साफ किया। इसी बीच मौके पर प्रकाश चंद्र और उसकी पत्नी ने बच्ची की शिनाख्त कंचन के रूप में की। पुलिस ने अज्ञात में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर कर लिया है। परिवारीजनों का आशंका है कि इस घटना में बदनाम गली से जुड़ा कोई शख्स शामिल हो सकता है। उन्होंने रात में पुलिस से वहां तलाशी और छानबीन कराने की बात भी कही थी लेकिन ठीक से कार्रवाई नहीं की।


पुलिस ने नहीं की बदनाम गली में तलाश
रात में जताई जा रही थी बच्ची को अगवा कर वहां ले जाने की आशंका
परिवारीजन बोले, पुलिस कार्रवाई करती तो बच जाती बच्ची की जान
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। बच्ची के गायब होने की घटना को पुलिस ने बहुत ही हल्के से लिया। पहले तो पुलिस देर से पहुंची, दूसरे परिवारीजनों व लोगों के घटना के पीछे बदनाम गली के किसी शख्स का हाथ होने की आशंका जताने के बाद भी ठीक से कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर पहुंची जाती और कार्रवाई हो जाती तो बच्ची की जान बच सकती थी।
विज्ञापन

घटना का पता लगभग साढ़े दस बजे चला पुलिस की सुस्त रफ्तार की स्थिति ये थी कि घटना स्थल से पचास कदम की दूरी पर महावीर नगर पुलिस चौकी है। वहां से चौकी प्रभारी को पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया। कोतवाल और सीओ तो उसके भी बाद पहुंचे। पुलिस बस स्टैंड और उसके आस पास बच्ची की तलाश करती रही, लेकिन घटनास्थल से पांच कदम की दूरी पर बसी बदनाम बस्ती में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। लोगों के जोर देने पर पुलिस वहां पहुंची भी तो कार्रवाई के नाम पर बैकफुट पर नजर आई। इसके बाद पुलिस पीड़ित दंपति को थाने ले गई और तहरीर ली। बस स्टैंड के पीछे बसे मोहल्ला देवनगर के लोग घरों से बाहर निकले तो नाली में बच्ची की लाश को देखा।
बदहवास परिवार को मदद को आगे बढ़े सैकड़ों हाथ
फीरोजाबाद। सोमवार रात रोडवेज बस स्टैंड सुनसान था, बच्ची पिता के कंधे से उतर कर मां के पास लेट गई। मां की लोरी और थपकियों के बीच उसे नींद आ गई। बच्ची की सुलाने से पहले पिता प्रकाश चंद्र ने पत्नी से पूछा था कि बेटी ने दूध पिया या नहीं। इसके बाद थका हारा परिवार भी कुछ ही पलों में सो गया। इस परिवार को किसी तरह के खतरे का अंदाजा नहीं था। मां संगीता ने बताया कि सोने के बाद भी उसने अपनी  बेटी को जी भर के दुलार किया, न जाने क्यों उसे रात बेटी पर ज्यादा प्यार उमड़ रहा था। बार-बार एक ही बात कह रही थी कि जान कौन हैवान जो उसकी मासूम बच्ची को ले गया। उनकी तो किसी से कोई दुशमनी भी नहीं है। बच्ची की हत्या के बाद बदहवास में हुए दंपति की मदद के लिए सैकड़ों हाथ आगे आए। लोगों ने चंदा कर उनको घर तक पहुंचाने से लेकर खाने पीने में मदद की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें