जलनिगम की टीटीएसपी स्थापना में 14.52 करोड़ के घोटाले के आरोपी ठेकेदारों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब ठेकेदार स्वयं को बचाने के लिए हाईकोर्ट की ओर दौड़ लगा रहे हैं।
बता दें कि बसपा शासन में जलनिगम की स्थापना को मिली धनराशि को खर्च करने में मनमानी की। डीएम विजय किरन आनंद ने जांच कराई तो 40 टीटीएसपी मौके पर नहीं मिली वहीं 183 बंद थीं। बड़ी टंकियों के अनुरक्षण कार्य में ठेकेदारों ने लापरवाही की। जांच रिपोर्ट आने के साथ ही डीडीओ आरके राम ने 26 ठेकेदारों के खिलाफ थाना दक्षिण में ही अभियोग दर्ज करा दिया था। अब पुलिस मामले में आरोपी ठेकेदारों के घर दबिश दे रही है इससे बचकर ठेकेदारों ने अब इलाहाबाद की शरण ली है। अपने को कार्रवाई से बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आरोपियों को हाईकोर्ट में राहत की उम्मीद है।
इन ठेकेदारों के खिलाफ दर्ज हुआ था अभियोग
डीडीओ आरके राम की तहरीर पर थाना दक्षिण में धारा 420 एवं 409 के तहत शैलेंद्र उर्फ शैलेश कुमार यादव, दलवीर ंसिह यादव,मैसर्स कृष्णा कंट्रक्शन, चंद्रप्रकाश, आरके एंड केके सप्लायर्स, जेएलएस कंट्रक्शन आगरा, कृष्णकांत उपाध्याय,मनोज कुमार मढ़ाई, प्रियाकंट्रक्शन, राधा ट्रेडर्स,साई गणेश इंटरनेशनल, राकेश बाबू असुआ, सुबोध यादव, कृष्ण कांत यादव,अबधेश यादव लेखराज, लक्ष्मीकांत गौतम, विजय ंसिह बौधाश्रम,अनुपम कृष्णा, पंकज शर्मा हिमायूंपुर, बनवारी लाल,आदेश कुमार, आरएन ट्रेडर्स,सुरेशबाबू पुष्कर,दाऊदयाल फर्म, आरके कंट्रेक्शन राजा का ताल भी शामिल हैं।
ठेकेदारों का खाका खंगाल रही है खाकी
टीटीएसपी स्थापना में घपला करने वाले ठेकेदारों का पूरा ब्योरा जुटाने में पुलिस जुटी है। उनके नाम,पता एवं पिता के नाम के साथ कहां के निवासी हैं और कहां-कहां पर रिश्तेदारियां है आदि ब्योरा खंगाला जा रहा है। इसमें विभाग की मदद लेने के साथ ही उनके साथी ठेकेदारों से भी ब्योरा एकत्रित किया जा रहा है।