अधिवक्ता के मकान की दीवार तोड़ने का विरोध
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शिकोहाबाद के गांव दिखतौली में अधिवक्ता के मकान को तोड़ने के विरोध में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। सभी ने एसडीएम की मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की।
गांव दिखतौली स्थित तालाब की भूमि है। भूमि से अलग अधिवक्ता दिनेश बघेल सहित ग्रामीणों के आवास बने हुए हैं। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन ने तालाब का रकवा पूरा होने के बाद भी मकानों को तोड़ दिया। इसमें अधिवक्ता दिनेश बघेल के मकान के दीवार टूट गई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसडीएम शिकोहाबाद चंद्र भानु सिंह एवं उनके स्टाफ के रवैये पर रोष व्यक्त किया है। डीएम को संबोधित ज्ञापन देने के साथ तहसील प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है। बार अध्यक्ष धर्म सिंह एडवोकेट एवं महासचिव पंचम सिंह एडवोकेट ने कहा कि तहसील प्रशासन की मनमानी नहीं रुकी तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में पूर्व अध्यक्ष रामनाथ यादव, राजेंद्र प्रसाद, धर्मेंद्र दुबे, अरुण कुमार, मुकेश चंद्र शर्मा, ललित बघेल, दानिश एडवोकेट, अरविंद कुमार बघेल, बहोरी सिंह, प्रेमदत्त बघेल आदि शामिल रहे।
नियमानुसार हुई कार्रवाई
दिखतौली गांव में नियमानुसार कार्रवाई की है। तालाब की सिर्फ सरकारी भूमि को कब्जे में लिया गया है। अधिवक्ताओं के आरोप बेबुनियाद हैं। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल से भी मंगलवार को नापजोख करा दी। उन्होंने सही माना है।
चंद्रभानु सिंह, एसडीएम शिकोहाबाद