तहसीलदार के स्थानांतरण को लेकर अधिवक्ताओं की पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रही। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं होता उनका आंदोलन दिन प्रतिदिन उग्र होगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष बाबू बघेल ने कहा कि अधिवक्ताओं के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाले तहसीलदार रामअवतार वर्मा को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जब तक प्रशासन तहसीलदार का स्थानांतर नहीं करता उनका आंदोलन जारी रहेगा। तहसील में कोई भी कामकाज नहीं होने दिया जाएगा। एसोसिएशन द्वारा दो समितियों का गठन किया गया। इसमें एक संघर्ष समिति बनाई गई। इसमें सुधाकर उपाध्याय, बिजेंद्रवीर सिंह, रविंद्र सिंह, रूमाल सिंह यादव, दिलीप पचौरी को रखा गया। जबकि दूसरी निगरानी समिति बनाई गई, जिसमें सलीम खान, सुरेंद्र सिंह यादव, चंद्रकांत भारद्वाज, मुकेश बाबू यादव अधिवक्ता के अलावा लाखन सिंह वर्मा बैनामा लेखक को शामिल किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता रूमाल सिंह यादव ने कहा कि प्रशासन अपनी हठधर्मिता दिखा रहा है। जबकि फीरोजाबाद के अधिवक्ता भी उनके समर्थन में आ गए हैं। ऐसे में प्रशासन की मनमानी नहीं चलेगी। अध्यक्ष सुभाष बाबू बघेल ने हड़ताल में बैनामा लेखकों, टाइपिस्टों, स्टांप वेंडरों के समर्थन की सरहाना की। वेदप्रकाश भारद्वाज, सुधीर गौतम, त्रिविक्रम शर्मा, रजनीश शर्मा, चंद्रेश उपाध्याय, मुकेश सोलंकी, महेश सोलंकी, दिनेश शर्मा, रामकिशोर बघेल, रामबाबू बघेल रहे।