हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की
सदर तहसील के एसडीएम रवींद्र मादंड़ एवं अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव के बीच हुए विवाद के बाद करोड़ों के राजस्व की हानि हुई है। पिछले 14 दिनों की हड़ताल के कारण मुवक्किल बैरंग लौटे। मामूली धाराओं में बंद लोगों की जमानत का काम प्रभावित रहा। वहीं पांचों तहसीलों में रजिस्ट्री का काम 14 दिनों से बंद होेने के कारण आठ करोड़ के स्टांप की बिक्री प्रभावित हुई है।
सदर तहसील में दो जुलाई को एसडीएम सदर रवींद्र मादंड व अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव के मध्य विवाद हो गया था। विवाद के बाद तीन जुलाई से न्यायालयों में कामकाज नहीं हुआ। सदर तहसील में रजिस्ट्री का काम पिछले 14 दिनों से पूरी तरह से बंद है। विभागीय सूत्रों की मानें तो फीरोजाबाद तहसील में ही 14 दिनों में करीब चार करोड़ के राजस्व की हानि हो चुकी है। एसडीएम सदर, तहसीलदार के साथ नायब तहसीलदार के कोर्ट में भी हड़ताल के कारण कामकाज नहीं हो सका। जिले की अन्य चार तहसील टूंडला, जसराना व शिकोहाबाद एवं सिरसागंज में रजिस्ट्री का काम कभी हुआ तो कभी नहीं हुआ। इसके कारण यहां करीब चार करोड़ के राजस्व की हानि हुई है। इसके साथ ही जनपद न्यायालय में कामकाज ठप होने के कारण मामूली धाराओं में बंद लोगों की अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण जमानत का काम प्रभावित रहा।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं और डीएम के बीच चली समझौता वार्ता
फिीरोजाबाद (ब्यूरो)। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट एवं महासचिव पंचम सिंह गुर्जर एडवोकेट के आह्वान पर जिला न्यायालय के साथ सदर तहसील में कामबंद हड़ताल रही। धर्म सिंह यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल ने डीएम निधि केसरवानी से बातचीत की। इसमें विजय प्रकाश यादव, राजेश कुलश्रेष्ठ, नृपति सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, यतेंद्र सिंह यादव आदि शामिल थे। अधिवक्ताओं ने कहा कि डीएम के साथ बातचीत हुई है। एसडीएम सदर मौजूद थे। लेकिन समझौते की स्थिति नहीं बन सकी। सोमवार से उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रामवीर यादव, गजेंद्र सिंह बौद्ध, वीरेंद्रपाल सिंह, चरन सिंह यादव, रामहंस यादव, राकेश वर्मा थे।