सीडीओ सुजीत कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान एका ब्लाक के एडीओ पंचायत सहित आधा दर्जन सचिवों का वेतन रोक दिया। चेतावनी दी कि यदि गांवों को खुले में शौचमुक्त नहीं किया तो फिर सख्त कार्रवाई होगी। मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए खराब ब्लाक वाले बीडीओ से साफ कहा कि सुधार करें।
विकास भवन सभागार में मंगलवार को सीडीओ ने प्रभारी डीएम के रूप में विकास कार्यों की समीक्षा की। खुले में शौचमुक्त के लिए चयनित गांवों की समीक्षा की। कई सचिव तो सवालों का जवाब ही नहीं दे सके। उन्होंने आजमपुर सिलौटा के सचिव इंद्रजीत सिंह सवाल पूछा तो वह चुप्पी साध गए। गढ़ी निर्भय, एका के सचिव रामचंद्र व एडीओ पंचायत एका विनय कुमार श्रीवास्तव का वेतन रोकने के आदेश दिए। सतेंद्र कुमार मोहम्मदपुर लभौआ व नीतेश सक्सेना, राजकुमार यादव, महेशचंद्र व बाबू सिंह के भी वेतन रोकने के आदेश दिए। साफ कहा कि चयनित गांवों को हरहाल में खुले में शौचमुक्त करना होगा। मनरेगा की समीक्षा के दौरान कहा कि मदनपुर, फीरोजाबाद, जसराना, शिकोहाबाद में एमआईस की फीडिंग की गति को बढ़ाएं। इंदिरा आवास, लोहिया आवास के जो निर्माण पूर्ण हो गए हैं दर्शाया जाए। इंदिरा आवास योजना के पात्रों की मस्टररॉल जनरेट करने के आदेश दिए। फीरोजाबाद, खैरगढ़, मदनपुर, टूंडला में एग्रीकल्चर के काम काफी कम होने पर नाराजगी जाहिर की। पीडी सर्वेशचंद्र यादव, डीडीओ आरके राम, डीपीआरओ बनवारी सिंह एवं बीडीओ धर्मजीत सिंह, प्रतिमा निमेष, एके जौहरी आदि रहे।