कांच कारखानों में मानकों की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को कारखानों का निरीक्षण किया। अधिकांश कारखाना संचालक जांच टीम को अभिलेख दिखाने में असमर्थ रहे। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभिलेख नहीं देने वाले फैक्ट्री संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
एसआर ग्लास में टिनशेड गिरने के बाद लगी आग में दो श्रमिकों की मौत एवं ब्राइट ग्लास में टिन शेड गिरने से एक श्रमिक की मौत के मामले के बाद डीएम नेहा शर्मा ने कारखानों में मानकों की पड़ताल के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विश्वनाथ शर्मा, सहायक आयुक्त उद्योग अंबरेश कुमार पांडेय, सहायक प्रबंधक उद्योग आरके पाठक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरके गुप्ता, सहायक अभियंता आरईएस मोहम्मद शमीम शामिल हैं। इस कमेटी ने मंगलवार को जांच शुरू की। नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव ने स्टेशन रोड स्थित अंसार और इरफान ग्लास, पत्थर वाली गली में स्थित श्रीनाथ ग्लास, श्याम ग्लास के साथ आदर्श कांच उद्योग में जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने श्रमिकों से बात कर न्यूनतम वेतन की जानकारी ली। श्रमिकों ने बताया आठ के स्थान पर नौ-नौ घंटे काम करते हैं। भगार बीनने वाली श्रमिक नसीरन बेगम, ऊषा देवी ने अधिकारियों से मकान की मांग की। इरफान ग्लास में पानी पिलाने वाले महबूब, खलील खां, अब्दुल और बबलू के साथ गुलफाम से बातचीत की।
कारखानों में जांच के बिंदु
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, भट्ठियों की संख्या, उत्पादन की क्षमता, जिला उद्योग केंद्र का पंजीयन, उत्पादित वस्तुओं का नाम, फैक्ट्री पार्टनर का विवरण, श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का ब्योरा मांगा है। फैक्ट्री एक्ट में लेआउट मानचित्र पास है या नहीं, फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की संख्या, टॉयलेट, बाथरूम एवं टिनशेड की स्थिति टिकाऊ एवं गिरासू है देखी गई। फायर प्वाइंट और हाईड्रेंट प्वाइंट भी देखे जा रहे हैं।
फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप
प्रशासन की ओर से कांच कारखानों में जांच शुरू होने के साथ फैक्ट्री संचालकों की धड़कनें तेज हो गई। कारखाना संचालक एक दूसरे को फोन भी घुमाते रहे। कुछ संचालक कारखानों में ही नहीं गए।
202 कांच कारखानों की होनी है जांच
जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक आरके पाठक का कहना है कि शहर की 202 कांच काखानों की जांच होनी है। इन सभी कारखानों में व्यवस्थाओं को जांचने,परखने के बाद ही नोटिस जारी किए जाएंगे।