फर्जी डिग्री प्रकरण में फंसी शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की गाज अब उनके दूसरे संस्थानों पर गिर रही है। शिकोहाबाद में उनके द्वारा ली गई डीपीएस स्कूल की फ्रेंचाइजी पर संकट आ गया है। दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी के चेयरमैन बीके चतुर्वेदी ने मैसर्स श्री जगदीश जन कल्याण एजुकेशनल ट्रस्ट से अनुबंध समाप्त करने का पत्र जारी कर दिया है। पत्र के मुताबिक एक अप्रैल 2026 से यह अनुबंध पूरी तरह समाप्त माना जाएगा।
जयपुर जेल में बंद जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ने पिता के नाम से ट्रस्ट बनाया है। इसी श्री जगदीश जन कल्याण एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम पर शिकोहाबाद में दिल्ली पब्लिक स्कूल के नाम से फ्रेंचाइजी चल रही है। स्कूल में करीब एक हजार से छात्र अध्ययनरत है।
स्कूल को डीपीएसएस के अध्यक्ष बीके चतुर्वेदी ने एक नोटिस दिया है। इसमें ट्रस्ट की सचिव गीता यादव को संबोधन में साफ कहा है कि दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी और मैसर्स श्री जगदीश जन कल्याण एजुकेशनल ट्रस्ट के बीच हस्ताक्षरित अनुबंध 05 नवंबर 2015 को किया गया था। यह अनुबंध अब एक अप्रैल 2026 से समाप्त माना जाएगा।
नोटिस में कहा गया है कि इसके बाद श्री जगदीश जन कल्याण एजुकेशनल ट्रस्ट नाम उनका नाम दिल्ली पब्लिक स्कूल या डीपीएस या कोई अन्य प्रतीक का उपयोग नहीं कर सकेगा। उन्होंने इसकी जानकारी विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों व उनके अभिभावकों को अनिवार्य रूप से देने को कहा है।
छात्रों के कॅरियर पर संकट
दिल्ली पब्लिक स्कूल बड़े भ्रष्टाचार में ही अनुबंध समाप्त करता है। यह शहर के लिए बड़ा झटका है। इसका असर उनके विद्यालय के छात्रों पर पड़ेगा। क्योंकि स्कूल दिल्ली पब्लिक स्कूल के नाम पर चल रहा है। अनुबंध समाप्त होने के कारण बच्चों को अगले वर्ष परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। अगर जल्द ही दूसरे स्कूल में छात्रों को शिफ्ट नहीं दिया गया तो छात्रों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
नोटिस में रिन्युअल का कोई भी जिक्र नहीं
विद्यालय को जो नोटिस डीपीएस सोसाइटी के चेयरमैन ने भेजा है, उस नोटिस में किसी भी प्रकार के रिन्युअल नहीं कराने का जिक्र नहीं किया गया है। जबकि विद्यालय प्रशासन रिन्युअल न होने की बात कर रहा है। नोटिस में एक साल का समय दिया गया है कि अपने स्कूल को दूसरे से संबद्ध कर ले।
श्री जगदीश जन कल्याण एजुकेशनल ट्रस्ट की सचिव गीता यादव ने बताया कि दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी के चेयरमैन ने एक साल का नोटिस दिया है। पांच साल में रिन्युअल होता है। हम लोग रिन्युअल कमेटी में नहीं पहुंच सके थे। बात की गई है, चार दिन का समय मांंगा गया है, जल्द ही सब सही होगा।