फिरोजाबाद। शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतें अब सीधे लाभार्थी को भुगतान नहीं कर सकेंगी। बल्कि पंचायतों में उपलब्ध धनराशि को आज से वापस जिला मुख्यालय को भेजनी होगी। पीएफएमस प्रणालीसे ग्राम पंचायतों को शौचालय निर्माण के लिए बकाया धनराशि का भुगतान कर सकेंगे। शासन ने भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में ग्रामीण अंचल में खुले में शौच जाने पर रोक लगाने के उद्देश्य से शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इन शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि ग्राम पंचायतों को जारी कर दी गई थी। लेकिन शासन की ओर से 25 जून के बाद शौचालय के लाभार्थियों को भी भुगतान पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ड़ालने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत ग्राम पंचायतों के द्वारा 25 जून की शाम तक जितना भुगतान किया जाना था वह कर लिया। शेष धनराशि को जिला मुख्यालय पर वापस विभाग को भेजनी होगी। पंचायती राज विभाग के सूत्रों की मानें तो करीब सात करोड़ धनराशि वापस जिले को भेजी जाएगी।
25 जून के बाद ग्राम प्रधान एवं सचिव के द्वारा शौचालय निर्माण कराए जाने की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर पीएफएमएस प्रणाली के तहत लाभार्थियों को शौचालय को बनाए जाने में खर्च धनराशि का भुगतान किया जाएगा। इस नई प्रणाली से प्रधान एवं सचिव की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। डीपीआरओ नीरज कुमार सिह्ना ने कहा कि शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों में पड़ी धनराशि का भुगतान करने का अधिकार प्रधान एवं सचिव को 25 जून तक करना है। शेष धनराशि को वापस मंगाया जा रहा है। धनराशि वापस आ जाने के साथ पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों को भुगतान किया जाएगा।