पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक मोहम्मद हसन के परिजन। संवाद
- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक मोहम्मद हसन के परिजन। संवाद
फिरोजाबाद। जिला कारागार में बहू की दहेज हत्या के मामले में निरुद्ध आरोपी की मंगलवार शाम हार्ट अटैक से मौत हो गई। सीने में तेज दर्द उठने पर जेल प्रशासन द्वारा उसे मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जहां भर्ती होने के महज पांच मिनट के भीतर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी पर पहुंचे परिजन ने देर रात पोस्टमार्टम कराने को लेकर काफी हंगामा और गहमागहमी की।
मूल रूप से एटा जिले के थाना जलेसर स्थित गांव गुदाऊ निवासी मोहम्मद हसन उर्फ भूरी (45) वेल्डिंग मिस्त्री था। वह अपनी बहू की दहेज हत्या के मुकदमे में जनवरी 2026 से जिला कारागार में था। मंगलवार शाम करीब 6 बजे अचानक उसके सीने में दर्द उठा। जेल डिस्पेंसरी से प्राथमिक उपचार के बाद हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। अत्यंत कारुणिक पहलू यह रहा कि मृतक मोहम्मद हसन की पत्नी हुसन बानो और उनका बेटा हसनैन भी उसी दहेज हत्या के मामले में जिला कारागार में बंद हैं। अंडर ट्रायल होने के कारण विधिक मोहलत न हो पाने के कारण मृतक की पत्नी और बेटा उसके जनाजे में शामिल होने से वंचित रह गए। मृतक अपने पीछे तीन बेटों और तीन बेटियों को रोता-बिलखता छोड़ गया है।
जेल अधीक्षक अमित चौधरी के अनुसार बंदी पहले से ही गंभीर हृदय रोग से पीड़ित था और जेल आने से पूर्व भी उसका इलाज चल रहा था। कारागार चिकित्सालय की ओपीडी में भी उसे नियमित दवाएं दी जा रही थीं।