गवाहों के बयानों में मिले गंभीर विरोधाभास, कोर्ट में मिला संदेह का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। पॉक्सो कोर्ट ने मटसैना थाना क्षेत्र के साढ़े तीन साल पुराने एक बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों में विरोधाभास और चिकित्सीय रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि न होने के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया।
एफआईआर के अनुसार 17 फरवरी 2023 की शाम मटसैना थाना क्षेत्र के गांव निवासी आरोपी अभिषेक उर्फ चैंगा पर आरोप लगा था कि वह छह वर्षीय मासूम बालक को चॉकलेट का लालच देकर अपने घर ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। पीड़ित के शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और कुकर्म की धारा में आरोपपत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने ट्रायल के दौरान पाया कि घटना के तत्काल बाद कराए गए चिकित्सीय परीक्षण में पीड़ित के शरीर पर किसी प्रकार के चोट, खरोंच या लालिमा के निशान नहीं पाए। इसके अलावा पैथोलॉजी रिपोर्ट में भी पुष्टि नहीं हुई थी। पीड़िता की दादी और अन्य गवाहों द्वारा अदालत में दिए गए बयानों व विवेचक की प्रतिपरीक्षा के दौरान मुख्य तथ्यों में तात्विक विरोधाभास पाया गया। फॉरेंसिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी अभियुक्त के वस्त्रों पर कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं पाया गया। इस पर अदालत ने अभियुक्त अभिषेक उर्फ चैंगा को दोषमुक्त कर दिया।