मौसम का मिजाज ही कहेंगे कि अप्रैल का आधा महीना बीतने के बाद भी एसी, कूलर और शीतल पेय पदार्थों का बाजार ठंडा पड़ा है। अप्रैल में गर्मी के सीजन में पहले जहां 50-60 प्रतिशत कूलरों की बिक्री हो जाती थी, वह आंकड़ा घटकर मात्र 10 प्रतिशत ही रह गया। इससे व्यापारियों के होश उड़े हुए हैं।
मार्च माह में होलिका दहन के साथ ही सूरज की तपिश लोगों का शरीर जलाने लगी थी। गर्मी के तेवर तीखे होने के साथ-साथ बाजार में कूलर, एसी, पंखा, फ्रिज की बिक्री में इजाफा होना लगता था। शीतल पेय पदार्थों की डिमांड काफी बढ़ जाती थी। जनवरी-फरवरी माह से शहर में संचालित आधा दर्जन से अधिक एजेंसियों पर प्रतिदिन 800 से 1000 कोल्डड्रिंक की क्रेट की खपत होती थी। इस साल मौसम में ऐसा परिवर्तन हुआ कि आधा अप्रैल का महीना गुजरने के बाद भी ठंडक है। कभी आंधी, तूफान, बरसात तो कभी ओलावृष्टि के चलते एसी, कूलर, पंखा के साथ शीतल पेय पदार्थों की बिक्री न के बराबर हो रही है। मौसम में हो रहे परिवर्तन ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
बिक्री में तेजी की आस
गोविंद प्लाजा के स्वामी आनंद मित्तल कहते हैं कि हर साल मार्च माह से एसी, कूलर व पंखों की बिक्री होने लगती थी। अप्रैल माह तक करीब 50 प्रतिशत तक बिक्री हो जाती थी, लेकिन इस बार अभी तक मात्र 10 प्रतिशत ही बिक्री हुई है। मौसम में ठंडक के चलते बिक्री न के बराबर हो रही है। वहीं जो 10 प्रतिशत बिक्री हो रही है, वह भी सहालग के कारण हो रही है। सीजन की बिक्री में अभी तेजी नहीं आई है।
मात्र 200-250 क्रेट की खपत
वीनस ट्रेडर्स के स्वामी पवन सक्सेना का कहना है जनवरी-फरवरी माह में हर साल प्रतिदिन 800 से 1000 क्रेट खपत हो जाती थी लेकिन इस बार मौसम में परिवर्तन के चलते मात्र 200 से 250 क्रेट ही बमुश्किल खपत हो रही है। अप्रैल माह में भी कोल्डड्रिंक की बिक्री काफी कम है। उन्होंने कहा कि मौसम में गर्मी आने के बाद ही बिक्री में इजाफा होगा।