शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय आरव की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को जेल भेजकर सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। चश्मदीद ने बताया कि पहले उसे लगा कोई टेडी बियर पटक रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी मासूम बच्चे के साथ हैवानियत कर रहा था।
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की शनिवार को बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार देर शाम को पुलिस ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक (निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं) को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया।
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मंगलवार को सीओ शिकोहाबाद अंबरीश कुमार और प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने टीम के साथ घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस ने वारदात के सबसे अहम साक्ष्य यानी सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को आधिकारिक रूप से अपने कब्जे में ले लिया। कोर्ट में पुख्ता गवाही और आरोप सिद्ध करने के लिए इस डीवीआर की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) आगरा में जांच कराई जाएगी।
सीओ अंबरीश कुमार ने बताया कि घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। सीसीटीवी फुटेज की एफएसएल जांच इसलिए कराई जा रही है ताकि इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश न रहे और कातिल को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
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चश्मदीद दीपांश बोले - मुझे लगा गुस्से में कोई टेडी बियर पटक रहा है
जांच के दौरान पुलिस ने इस जघन्य वारदात को अपनी आंखों से देखने वाले चश्मदीद दीपांश के बयान भी दर्ज किए हैं। चश्मदीद दीपांश ने पुलिस पूछताछ में उस खौफनाक मंजर की हकीकत बयां करते हुए कहा, शुरुआत में जब मैंने गली में उस युवक को कुछ पटकते हुए देखा, तो मुझे लगा कि कोई व्यक्ति गुस्से में किसी टेडी बियर (खिलौने) को जमीन पर पटक रहा है।
गली में सन्नाटा था और दूरी होने के कारण मैं तुरंत पूरी बात समझ नहीं पाया। दीपांश ने आगे बताया कि जब वह आरोपी अंत में उस बच्चे को दोबारा गोद में उठाकर और अपने कंधे से चिपकाते हुए वापस ले जाने लगा, तब जाकर मुझे यह भयावह एहसास हुआ कि वह कोई खिलौना नहीं, बल्कि एक सजीव बच्चे को इतनी क्रूरता से जमीन पर पटक रहा था।