योजनाओं को आधार कार्ड से जोड़ने और क्रियान्वयन में लाने के सरकार के प्रयास बुजुर्गों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। सरकार ने पेंशन, गैस कनेक्शन, बैंक खातों, समेत कई व्यवस्थाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया लेकिन उम्र की दुश्वारियों का ध्यान नहीं रखा। बुजुर्ग जब मशीन पर हाथ रखते हैं तो अंगुलियों के निशान नहीं आते। , रेटिना स्कैनिंग भी प्रभावित होती है। काफी मुश्किल से उनका आधार बन पा रहा है, जिनका नहीं बनता उन्हें योजनाओं के लाभ से वंचित रहने का डर सता रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग ने आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने की मुहिम शुरू की है तो वहीं सरकार ने आधार कार्ड को देश की दूसरी महत्वपूर्ण योजनाओं से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। सरकार की इस प्रक्रिया से उम्र दराज लोग परेशान हैं। उनकी हाथ के फिंगर प्रिंट नहीं आते वहीं रेटिना स्कैनिंग भी प्रभावित होती है। इससे उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। भविष्य में आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते वोटर लिस्ट के साथ अन्य लाभकारी योजनाओं से वंचित होने का डर उन्हें सताने लगा है। वोटर आईडी से पहले गैस कनेक्शन की कैश सब्सिडी को लेकर बैंकों के खातों को आधार कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना में भी आधार कार्ड की अनिवार्यता सुनिश्चित की गई। मोहल्ला तिलकनगर के निवासी विजय गोपाल शास्त्री ने बताया कि वोटर आईडी के लिये फार्म भरकर फिंगर प्रिंट देने गए तो मशीन पर फिंगर प्रिंट ही नहीं आया और उनको लौटना पड़ा। इसी मोहल्ले के 85 वर्ष के रामलाल भी आधार कार्ड की सुविधा से वंचित हैं। विद्युत विभाग से सेवानिवृत जैन नगर के एससी अग्रवाल (69 ) ने बताया कि उन्हें फिंगर प्रिंट न आने की बात कहकर कैंप से लौटा दिया गया। यही हाल बोधाश्रम से विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त बीएन शर्मा और शिक्षक रहे हरीशंकर पैंगोरिया के साथ भी हुआ। यह समस्या सभी जगहों पर आ रही है। केशव देव 78 का कहना है कि अभी तो अन्य डाक्युमेंट से योजनाओं का लाभ मिल रहा है लेकिन भविष्य में आधार ही मान्य हुआ तो उनके सामने मुश्किल खड़ी होगी।