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Firozabad News: दो करोड़ की लूट में शामिल दो हेड कांस्टेबलों की जमानत याचिकाएं निरस्त

Fri, 23 Jan 2026 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक
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फिरोजाबाद। थाना मक्खनपुर क्षेत्र में हाईवे पर घुनपई के पास 30 सितंबर 2025 को कैश प्रबंधन का काम करने वाली गुजरात की जीके कंपनी के कर्मी से हुई दो करोड़ की लूट में शामिल हेड कांस्टेबल अंकुर प्रताप सिंह और मनोज कुमार की जमानत याचिकाएं शुक्रवार को एडीजे विशेष डकैती सर्वेश कुमार पांडेय की कोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब पुलिस ही अपराध में संलिप्त होगी, तो आम जनमानस में गलत संदेश जाएगा।
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30 सितंबर 2025 को जीके कंपनी के पार्टनर अशोक भाई का कैश लेकर जा रहे ड्राइवर दीनाजी को मक्खनपुर क्षेत्र में बदमाशों ने बंधक बनाकर लूट लिया था। इस वारदात में कुल नौ आरोपी शामिल थे, जिनमें से एक मुख्य आरोपी अलीगढ़ के खैर का नरेश उर्फ पंकज पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो चुका है। अन्य आठ जेल में निरुद्ध हैं। इनमें दो हेड कांस्टेबल अंकुर प्रताप सिंह (जीआरपी अनुभाग, आगरा) निवासी खान आलमपुर, हरदुआगंज, अलीगढ़ और मनोज कुमार (आगरा कमिश्नरेट) निवासी चंदपुरा, करहल, मैनपुरी की संलिप्तता पाई गई थी। अंकुर और मनोज ने जमानत अर्जी दाखिल की थी। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि उन्हें रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है और वे 8 अक्तूबर 2025 से जेल में बंद हैं। उन्होंने बरामद रकम को बैंक लोन का हिस्सा बताया। विशेष लोक अभियोजक ने पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि दोनों आरोपियों के पास से लूट की रकम में से 5-5 लाख रुपये बरामद हुए हैं। साथ ही, सीडीआर और टोल प्लाजा के फुटेज उनकी उपस्थिति और संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और आरोपियों के पद की गरिमा को देखते हुए स्पष्ट किया कि अभियुक्तों ने जनता के विश्वास का गबन किया है। कोर्ट ने माना कि इन पुलिसकर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर गंभीर अपराध कारित किया है, इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
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