फिरोजाबाद। लाइनपार थाना क्षेत्र के छारबाग में रहने वाले होरीलाल पर 18.30 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। मामले में लाइनपार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
चरन देवी निवासी आलमपुर कनैटा, थाना बसई मोहम्मदपुर ने बताया कि वह प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) में कार्यरत। होरीलाल निवासी छारबाग, थाना लाइनपार से उसकी मुलाकात हुई थी। होरीलाल ने सुनियोजित तरीके से स्वयं को आगरा का निवासी व दुर्गा नगर फिरोजाबाद में स्वयं का चूड़ी का गोदाम होना बताकर बड़ा कारोबारी बताया था। उसने अपने बड़े भाई अनिरुद्ध को मैनपुरी में इंस्पेक्टर बताया और खुद को जिला पुलिस के कप्तान का करीबी बताया। होरीलाल पहले तो छोटे-मोटे कामों में मदद करता था और उसे स्कूटी से ड्यूटी पर छोड़ने लगा। इससे उस पर भरोसा हो गया। चरन देवी ने बताया कि उसके बेटे शिवकुमार और दो दामादों हरेन्द्र सिंह निवासी नगला कुरू और थान सिंह निवासी अमरपुरा, आगरा की नौकरी विद्युत निगम में सरकारी बाबुओं के पद पर लगवाने का झांसा दिया। थान सिंह को एत्मादपुर पावर हाउस, हरेन्द्र सिंह को एका पावर हाउस और शिव कुमार को जसराना पावर हाउस में नौकरी लगवाने की एवज में होरीलाल ने बताया कि नौकरी में प्रोसेस फीस, वेरिफिकेशन फीस और ट्रेनिंग का खर्च लगभग 7 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आएगा। इसके बाद 60 हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। आरोपी की बातों में आकर उसको पहला नकद भुगतान 11 अक्तूबर 2024 को 3.75 लाख रुपये का किया। इसके बाद सात लाख और फिर होरीलाल ने अपनी मां भू देवी, पत्नी और दुर्गेश की पत्नी शिवानी के बैंक खातों में भी रुपये डलवाए। इस प्रकार कुल 18.30 लाख रुपये हड़प लिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब बच्चों को ट्रेनिंग के लिए नहीं भेजा गया और होरीलाल के नंबर स्विच ऑफ आने लगे, तब ठगी का संदेह हुआ। जांच-पड़ताल पर पता चला कि होरीलाल आगरा में नहीं, बल्कि छारबाग, फिरोजाबाद में रहता है और ठगी का धंधा करता है। 8 अगस्त 2025 को रुपये वापस मांगने होरीलाल के घर जाने पर उसके भाई, पत्नी और मां भूदेवी ने गाली गलौज कर धमकाया। वापस लौटते समय चंद्रवार गेट पर होरीलाल 3-4 गुंडों के साथ मिला, उसने अभद्रता की और गाली-गलौज, धमकी देते हुए भाग गया। इंस्पेक्टर लाइनपार रमित आर्य ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपों की जांच की जा रही है।