- दूर-दूर से आए निराश होकर आवेदक लौटे
फिरोजाबाद। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में सोमवार को प्राइवेट कंपनी का टेंडर बदलने के कारण सैकड़ों आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नई कंपनी के कर्मचारियों द्वारा कार्यभार संभालने के बावजूद, तकनीकी खामी के चलते बायोमेट्रिक सत्यापन का काम नहीं हो सका, जिससे दूर-दूर से आए आवेदकों को निराश होकर लौटना पड़ा।
सोमवार को फोकॉम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों ने एआरटीओ कार्यालय का काम संभाला। हालांकि, फिरोजाबाद कार्यालय की लॉगिन आईडी बनने में दोपहर 1 बजे तक अड़चन आती रही, जिसके कारण आवश्यक बायोमेट्रिक सत्यापन और अन्य प्रक्रियाएं रुकी रहीं। कई आवेदकों के लाइसेंस की वैधता भी समाप्त हो रही थी, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई।
आवेदक सूरजभान का अनुभव
नसीरपुर निवासी सूरजभान ने अपनी परेशानी बताई कि उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनवाया था और उसे स्थायी कराने के लिए आज का स्लॉट लिया था। लेकिन प्राइवेट कंपनी का टेंडर बदलने के कारण उनका बायोमेट्रिक नहीं हो सका और उन्हें कल का स्लॉट बुक कर लाने को कहकर वापस भेज दिया गया।
एआरटीओ का वर्जन
नई कंपनी को पहले दिन व्यवस्था सुचारू करने में समय लगा। ध्यान रखा जाएगा कि आवेदकों को कोई भी परेशानी न होने दी जाए।
- सुरेश यादव, एआरटीओ