जलेसर/टूंडला। एटा रेलखंड पर जलेसर रेलवे स्टेशन के निकट गांव रामगढ़ी स्थित मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर एटा-टूंडला पैसेंजर से ट्रैक्टर ट्राली टकराने की सूचना से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेलवे के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी दौड़ लगा दी। टूंडला से एक्सीडेंट रिलीव ट्रेन (एआरटी) सहित जीआरपी, आरपीएफ को भी रवाना कर दिया गया। मौके पर पहुंचने पर पता चला ये हादसा नहीं रेलवे की मॉकड्रिल थी।
बुधवार दोपहर करीब 2.30 बजे जैसे ही टूंडला में रेल दुर्घटना के सायरन बजे, रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रेलवे नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी गई कि जलेसर के निकट मानव रहित क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर ट्राली टूंडला-एटा पैसेंजर से टकरा गई है। इसके चलते तीन लोगों की मौत हो गई और अन्य यात्री घायल हो गए हैं। आनन-फानन में टूंडला से एक्सीडेंट रिलीव ट्रेन को रवाना किया गया। टूंडला से जीआरपी/आरपीएफ के साथ ही जलेसर के एसडीएम संदीप कुमार गुप्ता, सीओ डीएस गर्व्याल, तहसीलदार, पुलिस फोर्स और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घटना स्थल पर पहुंचे रेलवे व जिला प्रशासन को वहां ऐसा कुछ भी नहीं मिला। तब उन्हें जानकारी दी गई कि रेलवे की सक्रियता को परखने के लिए महकमे ने मॉकड्रिल की थी। इस पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
साल में एक बार होता है मॉकड्रिल
एटा। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक उदयवीर सिंह यादव ने बताया कि साल में एक बार इस प्रकार का मॉकड्रिल होता है। यह इलाहाबाद से आई शेफ्टी टीम द्वारा किया जाता है। घटना की सूचना टीम द्वारा सबसे पहले स्टेशन अधीक्षक को दी जाती है। इसके बाद स्टेशन अधीक्षक पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देता है। उनके अनुसार मॉकड्रिल का उद्देश्य प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की मुस्तैदी को परखना होता है।