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कुपोषित बच्चे होंगे चिन्हित

Sat, 24 May 2014 05:30 AM IST
Firozabad
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फीरोजाबाद। बाल पोषण माह के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा। एक जून से होने वाले इस माह को सफल बनाने की तैयारी में बाल स्वास्थ्य, पुष्टाहार विभाग व स्वास्थ्य विभाग भी जुट गया है।
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बच्चों को कुपोेषण से बचाने को एक जून से बाल पोषण माह की शुरूआत होगी। एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बाल स्वास्थ्य पोषण माह का उद्देश्य बच्चों की रोगों से लड़ने की क्षमता में सुधार लाना व बाल मृत्यु दर में कमी लाना है। कुपोषण की सही समय से पहचान व प्रबंधन किया जाना चाहिए। नवजात शिशुओं व दो वर्ष तक के बच्चों के खानपान में सुधार लाकर उनके विकास में वृद्धि लानी होगी। बाल स्वास्थ्य पोषण माह में पांच साल तक के बच्चों का सर्वे कर सूची तैयार करनी होगी। इस सूची को एएनएम को दें। स्वास्थ्य दिवस में स्तनपान, आहार एवं आयोडीन नमक के फायदे भी बताए जाएं। टीकाकरण दिवस में आने के लिए प्रेरित करें। सीएमओ डा. एनएल यादव ने कहा कि नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच होनी चाहिए। इसके साथ टीकाकरण दिवस वाले दिन आंगनबाड़ी केंद्र पर विटामिन ए खाद्य पदार्थों को रखा जाए। माता पिता को विटामिन ए युक्त खाद्य पदार्थों की जानकारी दी जाए।
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बाल स्वास्थ्य पोषण माह की गतिविधियां
- विटामिन-ए संपूरण एक से पांच साल तक के सभी बच्चों को विटामिन-ए की दूसरी से नौवीं खुराक को दिलाना।
-नौ से बारह माह के बच्चे जिनकी विटामिन ए की पहली खुराक छूटी हो उन्हें विटामिन ए की पहली खुराक से आच्छादित करना।
-कुपोषण की रोकथाम को यह करें
- जन्म के एक घंटे के अंदर मां का दूध पिलाएं।
- छह माह तक केवल स्तनपान और उसके बाद मां के दूध के साथ ऊपरी पूरक आहार का सेवन कराएं।
-विटामिन ए व आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें।
-अति कुपोषित बच्चों की पहचान
- आयोडीन युक्त नमक का प्रयोग करें।
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