फीरोजाबाद। एसआरके डिग्री कालेज में लिपिक के समर्थन में जाटव महासभा के कार्यकर्ता पहुंच गए। इससे छात्रों का पारा हाई हो गया। गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य कक्ष पर पथराव कर दिया। इससे कालेज में अफरातफरी मच गई। दो घंटे की बहस और कालेज प्राचार्य का रुख भांप कर लिपिक ने लिखित रुप से माफी मांगी इसके बाद ही मामला शांत हो सका।
गौरतलब है कि एसआरके डिग्री कालेज में सोमवार को छात्रों के साथ लिपिक ने अभद्र व्यवहार किया था। इसपर कालेज में जमकर हंगामा भी हुआ। प्राचार्य ने जांच का आश्वासन दिया था। मंगलवार को लिपिक अखिलेश ने प्राचार्य पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगा दिया। इससे प्राचार्य लिपिक पर बिफर पड़े। लिपिक ने भी फोन करके जाटव महासभा के केडी जाटव व उनके समर्थकों को कालेज परिसर में बुला लिया। लिपिक की पैरवी में आए जाटव महासभा के कार्यकर्ताओं की प्राचार्य से करीब एक घंटे तक वार्ता हुई। प्राचार्य पर लिपिक के समर्थन में दबाव बनते देख छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। प्राचार्य कक्ष पर पथराव कर महासभा के लोगों को भगाने का प्रयास किया। इससे अफरातफरी का माहौल बन गया। छात्रनेता मुनेंद्र यादव का कहना है कि छात्र, लिपिक व कालेज प्राचार्य का आपसी मामला है। बाहरी तत्व कालेज में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले को बिगड़ता देख लिपिक ने प्रोफेसरों की मौजूदगी में दोबारा ऐसी गलती व अभद्रता न करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों का गुस्सा खत्म हुआ।
लिपिक ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया था। इसके लिए प्रबंध कमेटी को बता दिया गया है। लिपिक ने इससे पहले भी बाहरी तत्व को कालेज में बुलाया था जो गलत है। लिपिक ने लिखित में माफी मांगी है। अगर भविष्य में दोबारा ऐसी गलती करता है तो उसे निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी।
डा. विपिन कुमार अग्रवाल, कालेज प्राचार्य