सिरसागंज। वर्ष 2012 के अंतिम शनिवार को सिद्धपीठ शनिधाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह मंदिर प्रांगण में शनि यज्ञ में आहुतियां दीं जिसके बाद स्वामी महारामदास के निर्देशन में महात्माओं ने शनिदेव मंत्रोच्चारणों के साथ महाभिषेक किया।
2013 में ग्रहों के मंत्री बनेंगे शनिदेव
स्वामी महारामदास ने बताया कि आने वाले वर्ष 2013 में शनि देव देवताआें के मंत्री बनकर आ रहे हैं जो कुछ राशियों के लिए विशेष फलदायी रहेंगे। मेष राशि में एक वर्ष का केतु खराब है, और इस वर्ष में 30 प्रतिशत सुयोग व 70 प्रतिशत कुयोग हैं। वृषभ राशि के 12 वें स्थान में केतु व गुरू ग्रह होने से खर्च अधिक होगा। सुयोग 70 प्रतिशत व कुयोग 30 प्रतिशत होगा। मिथुन राशि के 12 वें गुरू नेष्ट हैं और सुयोग 40 प्रतिशत व कुयोग 60 प्रतिशत रहेगा। वहीं कर्क राशि में शनि और राहु चतुर्थ स्थान में विराजमान हैं जो मानसिक चिंताओं को बढ़ाएंगे साथ ही सुयोग 30 प्रतिशत व कुयोग 70 प्रतिशत होंगे। सिंह राशि में सुयोग 70 प्रतिशत कुयोग 30 प्रतिशत है और सफलताएं भी प्राप्त होंगी। कन्या राशि में शनि की उतरती साढे़ साती त्रस्त करेगी वर्ष में सुयोग 60 प्रतिशत व कुयोग 40 प्रतिशत होगा। तुला राशि में ह्रदय के बीच की ढैया और राहु के खराब होने से परेशानी अधिक हो सकती है। वृश्चिक सिर पर साढे़साती और राहु खराब है वर्ष में सुयोग 30 प्रतिशत व कुयोग 70 प्रतिशत रहेगा। धनु राशि में सुयोग 70 प्रतिशत व कुयोग 30 प्रतिशत है।
वहीं मकर राशि में केतु व मंगल ग्रह खराब होने से मांगलिक कार्य में परेशानियां हो सकती हैं जबकि सुयोग 60 प्रतिशत व कुयोग 40 प्रतिशत होगा। कुंभ राशि में गुरू ग्रह की दशा खराब होने से कार्यों में परेशानियां आ सकती हैं जबकि सुयोग 60 प्रतिशत व कुयोग 40 प्रतिशत होगा। मीन राशि के आठवें स्थान में शनि व राहु होने से मानसिक चिंताएं सताएंगी जबकि सुयोग 30 प्रतिशत व कुयोग 70 प्रतिशत रहेगा। स्वामी महारामदास ने बताया कि इस वर्ष में शनि महाराज की पूजा करने वालों को विशेष फल प्राप्त होगा।