फीरोजाबाद। विधानसभा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के विशेष दिवस पर कहीं पदभिहित अधिकारी नहीं पहुंचे तो कहीं बीएलओ समय से पहले ही रवाना हो गए। इस दौरान बीएलओ अवश्य फार्म भरते दिखाई दिए। इससे साफ जाहिर है कि जिम्मेदार अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
भारत निर्वाचन आयोग ने सात, 14 एवं 21 अक्तूबर को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को विशेष दिवस घोषित किए हैं। इस दिवस पर बीएलओ क्षेत्र का भ्रमण करेंगे जबकि पदभिहित अधिकारी बूथों पर मौजूद रहकर आम जन की समस्याओं को हल कराएंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेटों को भी तैनात किया गया था। लेकिन मतदान केंद्रों पर अलग नजारा दिखाई दिया।
केस नं. एक
डीएवी इंटर कालेज। समय करीब 2.10 बजे। भाग संख्या 16 में ऊषा शर्मा, 17 की ममता शर्मा, 14 की मनोरमा, 15 की निमेषचंद्र शर्मा एवं 19 की मीरा शर्मा बीएलओ मौजूद थे। करीब तीन दर्जन से अधिक फार्म भरे गए थे, लेकिन बीएलओ का कहना था कि यहां पदभिहित अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे।
केस नं. दो
एमजी इंटर कालेज। नौ बूथों के सभी बीएलओ तो यहां शाम तक डटे थे। इनमें शरद गुप्ता, रामसेवक, आसमा कुलश्रेष्ठ, अनूप शर्मा, मुनीष पचौरी, संगीता गुप्ता, मनोज देवी, चंद्रपाल ओझा मौजूद थे। यहां पदभिहित अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट नहीं पहुंचे थे।
केस नं. तीन
नगर पालिका परिषद। बूथ संख्या 49 पर विनीता के स्थान पर उनके पति लाल बहादुर मुस्तैद थे। बूथ संख्या 50 की बीएलओ एवं पद्भिहित अधिकारी अपराह्न तीन बजे मौके पर मौजूद नहीं मिली। लाल बहादुर का कहना था कि अभी यहां से चली गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट कोई नहीं आया।
अधिकांश को नहीं मिला ड्यूटी पत्र
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के विशेष दिवस के लिए प्रशासन की ओर से भले ही पदभिहित अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात कर दिया हो लेकिन हकीकत तो यह है कि अधिकांश को ड्यूटी पत्र ही नहीं मिले। कई अधिकारी जिला योजना समिति की समीक्षा बैठक में होने के कारण भी जांच करने नहीं जा सके।