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बारिश और ओलावृष्टि से उड़ी किसानों की नींद

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rain - फोटो : amarujala
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फिरोजाबाद/कठफोरी/फरिहा/नारखी। जिले में गुरुवार को सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की नींद उड़ा दी। फरिहा, नारखी, एका, कठफोरी, दबरई, मक्खनपुर सहित कई गांव ओलों से पूरी तरह पट गए।
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ओले गिरने से गेहूं आल और सरसों की फसल को नुकसान से किसान चिंतित हैं। सुबह करीब 11 बजे कई जगह ओले गिरे। मक्खनपुर, मोहम्मदपुर नवादा, दबरई, जिजौली, किशनपुर, राजपुर बलाई, इंदुमई, अंगदपुर में करीब 10 मिनट तक ओलों की बौछार होती रही।

कठफोरी के आसपास गांवों में भारी ओलावृष्टि किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। कठफोरी के साथ भदान, नगला गंगाह, नगला गुमानी, नगला बटेश्वरी, नगला हीरा, मड़ैया लोके, उखरेंड, बिनाई सहित कई गांवों में ओलो की बौछार हुई। किसान हरा, नेत्रपाल, योगेंद्र, बबलू का कहना कि भारी ओलावृष्टि के कारण गेहूं, आलू और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।
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फरिहा के गांव धबारा, शीतलपुर, अंधपुरा, मछरिया, सेंटई, खोखटी, बलीपुर तपस्या में भारी ओलावृष्टि हुई। किसानों का कहना है कि तेज बरसात व ओले पड़ने से आलू व सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। एका ब्लाक के गांव जेड़ा, नगला पाय, सरवपुर सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि हुई।
नारखी ब्लाक के गांव मिलिक, उदी गढ़ी, ककरौली, नगला पार, कुतकुपर, जगनपुर, ढकई सहित कई गांवों में भी ओलावृष्टि हुई से गेहूं, सरसोें को नुकसान हुआ है।

बोले किसान
  • फरिहा निवासी किसान देशदीपक का कहना है कि आलू की फसल की थी। ओले पड़ने के कारण आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
  • मछरिया निवासी अमरपाल यादव का कहना है कि तेज बरसात और ओलावृष्टि के कारण सरसों की फसल खेत में बिछ गई है। सरसों की फसल में भारी फसलों हुआ है।
  • गांव गोथुआ अनिल प्रताप सिंह का कहना है कि भारी ओलावृष्टि के कारण सबसे अधिक नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। सरकार को फसलों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
  • ग्राम प्रधान सुनील प्रताप सिंह का कहना है कि सुबह तेज बरसात व ओले पडने के कारण सरसों की फसल खेतों में बिछ गई है। आलू की फसल को भी 40 प्रतिशत तक नुकसान है।

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, किसानों ने लगाया जाम
टूंडला। गुरुवार सुबह बदले मौसम से किसान परेशान हुए। नगर में ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं के साथ करीब 10 मिनट तक गिरे ओलों से हर तरफ सफेद चादर बिछ गई। ओलावृष्टि बंद होते ही किसान खेतों पर पहुंचे, जहां सरसों की फसलों के खेत में बर्बाद होने व आलू व मिर्ची को नुकसान होने से परेशान दिखे।
गांव गोथुरा के किसानों का आरोप है कि खेतों में खड़ी फसलों के बर्बाद होने पर उन्होंने क्षेत्रीय लेखपालों को जानकारी दी, किंतु वे नहीं आए। तब आक्रोशित किसानों ने सकरौली-नगला सिकंदर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर नारखी पुलिस पहुंची। पुलिस ने किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इस बीच करीब एक घंटे तक लगे जाम में वाहन फंसे रहे। सबसे अधिक नुकसान नारखी क्षेत्र के गांव गोथुरा, मिलिक, रजापुर, नगला पार, कुतकपुर, जगनपुर आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों में नुकसान हुआ है। वहीं लाइनपार क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश होने से गेहूं की बड़ी फसलों के गिरने से हल्का नुकसान हुआ है।

किसान यूनियन ने की मुआवजे की मांग
टूंडला। भारतीय किसान यूनियन भानु ने फिरोजाबाद की तहसील टूंडला, एटा के अवागढ़ और आगरा क्षेत्र के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने पर मुआवजे की मांग की है। मांग करने वालों में यूनियन के तहसील अध्यक्ष इशाक मोहम्मद, युवा के तहसील अध्यक्ष रिंकू ठाकुर, जमाल मलिक, चक्रेश सिंह, कदीरउद्दीन, मोती खां, पूर्व प्रधान मकसूद अली आदि हैं।

बर्बाद फसलों का सर्वे करा लिया है। किसानों का जो भी नुकसान हुआ है उसके लिए शासन से मांग करेंगे तथा किसानों को मुआवजा दिलाएंगे।

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रामसूरत पांडेय, एसडीएम

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