बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। जिला प्रशासन की ताजा रिपोर्ट पर गौर करें तो जिले में एक लाख 86 हजार 634 हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसलों को बोया था। इनमें 63027 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुईं। 30294.056 हेक्टेयर फसल में 33 प्रतिशत से अधिक हानि हुई। जिला प्रशासन ने केंद्र सरकार की 13500 रुपया प्रति हेक्टेयर नई दरों के मुताबिक 40.89 करोड़ मुआवजा की डिमांड की है। हालांकि प्रशासन के द्वारा प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले शेयर को इसमें शामिल नहीं किया है। यदि 18 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर की दरों से मुआवजा का आंकलन करें तो 54.52 करोड़ की जरूरत होगी। एडीएम कर्मेंद्र सिंह ने कहा नई रिपोर्ट के मुताबिक जिले को अब 40 करोड़ 89 लाख 69 हजार 756 रुपया चाहिए। दो करोड़ 69 लाख रुपया पहले जिले को मिल चुका है। धनराशि आने के साथ ही जिले के किसानों को वितरण किया जाएगा।
फसलों में हुई हानि
- जिले में कुल 186634 हेक्टेयर में बोई गई थी फसलें।
- 63027 हेक्टेयर फसल बारिश, ओलावृष्टि से प्रभावित।
- 30294.056 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक हुई हानि।
- 27035.795 हेक्टेयर गेहूं की फसल हुई बर्बाद।
- 3225.261 हेक्टेयर अन्य फसलों में हुई हानि।
- 26 हजार हेक्टेयर ही आलू की फसल हुई है बर्बाद।
- 13500 रुपया प्रति हेक्टेयर की दर से केंद्र देगा धनराशि।
- 40 करोड़ 89 लाख 69756 रुपया के मुआवजा की भेजी है डिमांड।
बची फसल भी हुई बर्बाद
रविवार को झमाझम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। रविवार की सुबह से ही किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई थीं। आसमान में काली घटनाएं देख पूर्व में बर्बाद होने से बच फसल की चिंता सता रही थी। दोपहर बाद जैसे ही बारिश हुई किसान कांप उठा। कहा, अब तो पूरी तरह से चौपट हो गए। पशुओं के लिए चारा भी पैदा नहीं होगा। बारिश से किसी का भूसा भीगा तो किसी के खेतों में पकी तैयार खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई। थ्रेसरिंग का काम रोकना पड़ा। लॉक भीग गया। आलू की फसल करने वाले किसानों का भी यही दर्द था। जिनके आलू को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज में जगह नहीं मिली वह परेशान था। बारिश से आलू सड़ जाएगा। वहीं शहरी क्षेत्र में बारिश के चलते गलियों में जलभराव हो गया।
एका में पडे़ ओले, भैंस मरी
एका क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओले गिरने के कारण काटरी निवासी राजपाल की भैंस मर गई। जबकि झाल गोपालपुर निवासी श्याम लाल घायल हो गया।
बारिश के कारण गेहूं की बालियां खराब होंगी। नमी की मात्रा बढ़ी है। इसके कारण गेहूं का दाना काला होगा। लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, काशीफल की फसलें प्रभावित होंगी सब्जियां महंगी होंगी।
डा.सुभाष शर्मा, कृषि वैज्ञानिक फीरोजाबाद।
ऊसर भूमि में फसल दिखाकर थमाया मुआवजे का चेक
फीरोजाबाद/शिकोहाबाद। शासन के प्रमुख सचिव राजस्व सुरेशचंद्रा ने लेखपाल की मनमानी पकड़ ली। आमरी में ऊसर भूमि में फसल दर्शाकर मुआवजा दे दिया। प्रमुख सचिव ने डीएम को लेखपाल को निलंबित करने के आदेश दिए। वह उरमुरा किरार एवं चितावली में चौपाल लगाकर किसानों से मिले उनकी वेदना सुनी। आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।
बारिश एवं ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का जायजा लेने को शासन के प्रतिनिधि के रूप में प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा एवं विशेष सचिव उद्यान पुष्पपति सक्सेना के साथ आए थे। शनिवार की शाम को जिले के अफसरों के साथ नुकसान और बांटे गए मुआवजा की राशि सहित अन्य जानकारी की। रविवार सुबह वह पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस से बाहर निकलते इससे पूर्व शिकोहाबाद के आमरी के कुछ किसान आ गए। उन्होंने वहां के लेखपाल की मनमानी की शिकायत की। उनका रुख सीधे आमरी की ओर हो गया। आमरी में फसलें देखी। ग्रामीणों ने कहा कि सुमनदेवी के ऊसर भूमि पर मुआवजा दे दिया। लेखपाल रामनाथ की खामी मिलने पर सचिव ने एसडीएम रवींद्र कुमार को लेखपाल को निलंबित करने के आदेश दिए। उरमुरा किरार तथा चितावली गांव में चौपाल लगाकर किसानों की वेदना सुनी। लेखपाल के द्वारा किए जा रहे आंकलन में गई गलती पकड़ी। सचिव ने डीएम विजय किरन आनंद को ऐसी खामी को दूर करने के निर्देश दिए। इधर विशेष सचिव उद्यान पुष्पपति सक्सेना ने आलू अन्य फसलों की जानकारी की। एडीएम कर्मेंद्र सिंह, एसडीएम रवींद्र कुमार, डीडी कृषि प्रसार डीपीसिंह, डीओ अखिलेश पांडेय, डीएचओ बलजीत सिंह एवं तहसील का स्टाफ मौजूद था।