फिरोजाबाद। त्योहार के मद्देनजर जिले में मिलावट का कारोबार तेजी से बढ़ गया है। पिछले एक सप्ताह में मिलावटी पनीर, नकली देसी घी, रिफाइंड, रंगीन छैना, मिल्क केक, कलाकंद पकड़ा गया है। बृहस्पतिवार को सहायक आयुक्त डाॅ. सुधीर कुमार के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। रोडवेज बस में रखकर सप्लाई को ले जाए जा रहे मिलावटी पनीर को पकड़ा।
सुबह 6 बजे सूचना मिली कि रोडवेज बस से मिलावटी पनीर ले जाया जा रहा है। टीम सुबह ही सक्रिय हो गईं। टीम ने कोटला चुंगी के पास फर्रुखाबाद रोडवेज की बस को रोका। इसमें रखे एक ड्रम में 50 किलो पनीर को जब्त कर लिया। मिलावटी पनीर होने पर एक नमूना जांच को भेजा। मौके पर ही पनीर को नष्ट करा दिया। टीम ने फतेहाबाद रोड से मावा का नमूना भरा। यह मावा बाजर में बिक्री के लिए आ रहा था। सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर सिंह ने लोगों से आह्वान किया है कि त्योहार पर खाद्य पदार्थ में अगर कहीं किसी मिलावट का संदेह हो तो खाद्य विभाग को सूचना दें।
ऐसे करें दूध की शुद्धता की जांच
सोडा परीक्षण- पांच मिलीग्राम दूध में इतना ही अल्कोहल मिलाएं। इसके बाद इसमें पांच बूंद रोजेलिक एसिड डालें। अगर दूध गहरे लाल रंग का हो जाता है तो समझ लीजिए कि दूध में सोडे की मिलावटी की गई है।
यूरिया परीक्षण- पांच मिलीलीटर कच्चे दूध में इतना ही पैराडाइमिथाइल एमिनो बैन्जालिडहाइड केमिकल मिलाएं। इसके बाद अगर दूध गहरा पीले रंग का हो जाता है तो इसमें यूरिया मिलावट की पुष्टि हो जाएगी।
डिटर्जेंट परीक्षण-पांच मिलीलीटर कच्चे दूध में दो बूंद ब्रोमोकिसाल परपल घोल डालें। अगर दूध में डिटर्जेंट मिला होगा तो उसका रंग नीला हो जाएगा।
हाइड्रोजन पराक्साइड का परीक्षण- पांच मिलीलीटर दूध में चार बूंद बेन्जिलिडीन तथा दो बूंद एसिटिक एसिड डालकर हिलाएं। मिलावट होगी तो दूध नीले रंग का हो जाएगा।
स्टार्च परीक्षण- उबाले हुए दूध को पहले ठंडा कर लें। इसके बाद पांच मिलीलीटर दूध में आयोडीन की पांच बूंदें डालें। इस मिश्रण के बाद अगर दूध का रंग नीला होता है तो उसमें स्टार्च मिला है।