फिरोजाबाद। सदर तहसील एवं टूंडला नगर पालिका के प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए द्वितीय चरण का जनगणना प्रशिक्षण बुधवार को एमजी कॉलेज में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व विशुराजा ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पहले दिन के प्रशिक्षण में 44 प्रगणक और 4 सुपरवाइजर अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
तहसीलदार सदर अजय कुमार एवं टूंडला ईओ के निर्देशन में कुल 16 कक्षों में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हुआ। इसमें 659 प्रगणक एवं 110 सुपरवाइजरों को मास्टर ट्रेनरों द्वारा जनगणना से जुड़ी तकनीकी बारीकियों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में प्रोजेक्टर के माध्यम से 34 प्रमुख सवालों के बारे में जानकारी दी गई। प्रगणकों को बताया गया कि उन्हें जल निकासी, पानी की आपूर्ति और गलियों की स्थिति जैसे बुनियादी ढांचों का खाका किस प्रकार तैयार करना है। निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व विशुराजा ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जांच की। तहसीलदार सदर अजय कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण से गायब रहे 36 प्रगणक और 4 सुपरवाइजरों के खिलाफ जनगणना अधिनियम 1948 एवं नियम 1990 के तहत सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, टूंडला नगर पालिका के ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि उनके क्षेत्र के 121 प्रगणकों में से 8 अनुपस्थित रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। जो प्रगणक प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो रहे हैं, उन्हें अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
प्रशिक्षण में मिले खाने की खराब गुणवत्ता पर हंगामा
जसराना। बुधवार को एलआर इंटर कॉलेज में एसडीएम और तहसीलदार के निर्देशन में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को मास्टर ट्रेनर द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। हालांकि, प्रशिक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों ने हंगामा भी किया।
उप जिलाधिकारी राजेश कुमार शुक्ला एवं तहसीलदार रवीश कुमार की मौजूदगी में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भोजन वितरण के समय अध्यापकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कर्मियों का आरोप था कि भोजन की गुणवत्ता खराब है और सब्जी से दुर्गंध आ रही है। अध्यापकों ने यह भी कहा कि डाइट के नाम पर मात्र 8 पूड़ी और खराब सब्जी दी गई। हंगामे की सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
तहसीलदार रवीश कुमार ने स्पष्ट किया कि खाने की गुणवत्ता ठीक थी। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने वही भोजन किया है, इसलिए खराब भोजन के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।