मातृ एवं शिशु संरक्षण अभियान के अंतर्गत डीएम की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन पालीवाल ऑडिटोरियम में किया गया। इस दौरान डीएम ने एएनएम, आशा संगिनी एवं एमओआईसी को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्यथा की स्थिति में बर्खास्त करने की चेतावनी भी दे डाली।
कार्यशाला में डीएम विजय किरन आनंद ने कहा कि एएनएम ध्यान रखें कि गर्भवती महिला, टीकाकरण एवं प्रसव का रजिस्टर बनाएं। उन्हें ब्लाक पर कंप्यूटर पर चढ़वाएं। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव कराने में प्रगति नहीं दिख रही है। 45 आशाएं हटाईं गईं है। यदि कार्य नहीं दिखा तो एएनएम हटा दी जाएंगी। उनके अधीन कार्य करने वाली आशाओं को भी हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक भी घरेलू प्रसव नहीं होना चाहिए। हमारे पास न डाक्टर की कमी है और न ही दवा की। डीएम ने कहा कि अप्रैल माह में बर्खास्तगी का पत्र दूंगा अथवा प्रशस्ति पत्र। कहा कि धनपुरा, कोटला स्वास्थ्य केंद्र की हालत बहुत खराब है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एमओआईसी से कहा कि 15 फरवरी तक आशाओं की देनदारियां चुका दें। किसी भी मद में एक पैसे की कटौती हुई तो एफआईआर करा दूंगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली बैठक में कार्य न करने वाली एएनएम, आशाओं की लिस्ट बनाकर लाएं। उन्हें तत्काल ही बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। सीएमओ डॉ. एनएल यादव ने कहा कि मातृ एवं शिशु संरक्षण अभियान में जो भी माइक्रो प्लान है, उसी हिसाब से कार्य करें। प्रगति रिपोर्ट कम मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्राम स्वास्थ्य निधि में आने वाली 10 हजार रुपये की धनराशि को खर्च करें। कार्यशाला में डॉ. आरएल गुप्ता, डॉ. एसकेएस राना, डॉ. प्रताप, रवि कुमार, सरजू खान आदि मौजूद रहे।
दवाएं पूरी नहीं हैं साहब!
एएनएम से संवाद करते हुए डीएम ने पूछा कि दवाएं तो पूरी हैं? तभी कई एएनएम ने कहा कि साहब दवाओं की कमी चल रही हैं। आयरन की गोलियां नहीं हैं। इसके बाद डीएम ने सीएमओ से पूछा और कहा कि जनपद में दवाएं बहुत हैं। जल्द ही वितरित करा दी जाएंगी।