- 55 में से पांच कालेज ही तैयार कर सके बालकों की टीम
- क्षेत्रीय टीम चयन करने के लिए करनी पड़ी माथापच्ची
जिले के माध्यमिक स्कूलों से शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हैं। निजी स्कूलों में खेलकूद सिर्फ कागजों में ही चल रहे हैं, जबकि शारीरिक शिक्षा को सरकार ने अनिवार्य कर दिया गया है। शनिवार को हुई क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में गिने चुने स्कूलों की टीम खेलने को आईं। हालांकि जो टीम मौजूद थी, उन्हीं में से क्षेत्रीय टीम का चयन कर लिया गया।
एक तरफ पीवी सिंधू और साक्षी मलिक जैसी बेटियों ने पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है, दूसरी ओर सुहागनगरी में खेलकूद के नाम पर शून्यता है। तिलक इंटर कालेज के मैदान में क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन बालक बालिका वर्ग के लिए किया गया। जिसमें सिर्फ रेवती इंटर कालेज की टीम ही प्रतिभाग करने के लिए पहुंची।
सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक टीम कबड्डी मुकाबला करने के लिए प्रतिद्वंद्वी टीम का इंतजार करती रही। मगर क्षेत्र के 43 से 45 कालेज टीम ही तैयार नहीं कर सके। अंत में बिना मैच कराए उन्हीं छात्राओं का चयन क्षेत्रीय टीम के लिए कर लिया गया। यहां तक कि निजी कालेजों की टीमें कई वर्षों से प्रतिभाग ही नहीं कर रही हैं। यही हाल बालक टीम का रहा। सीनियर वर्ग में एसआरके कालेज, गोपीनाथ इंटर कालेज, तिलक इंटर कालेज एवं गर्ग इंटर कालेज इटौरा ही शामिल हुए। जबकि जूनियर वर्ग में कोई टीम नहीं आई तो सीनियर वर्ग में कम प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन कर लिया।
शारीरिक एवं खेलकूद शिक्षा के लिए सभी कालेजों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे हैं। कालेज खेलकूद गतिविधियां अवश्य कराएं। ये नियम शासनादेश में भी है।
रविंद्र सिंह, डीआईओएस
क्षेत्रीय टीम के चयन को हुआ मुकाबला
तिलक इंटर कालेज के मैदान में पहला मुकाबला एसआरके कालेज और गर्ग इंटर कालेज इटौरा के मध्य हुआ। इसमें एसआरके कालेज विजेता बना। वहीं, दूसरा मुकाबला तिलक इंटर कालेज और गोपीनाथ इंटर कालेज के मध्य हुआ। तिलक कालेज की टीम ने बाजी मारी। निर्णायक केके शर्मा और विनोद कुमार रहे। स्कोरर नरेंद्रपाल सिंह, सुनीता चौधरी रहीं। विश्वास भारद्वाज, सुनीता, रीना बघेल, उदयवीर सिंह आदि मौजूद रहे।