फिरोजाबाद। सुहागनगरी में सोमवार से एक लाख श्रमिकों ने घर-घर में होने वाले चूड़ी जुड़ाई कार्य का बहिष्कार कर दिया। कामबंद हड़ताल के चलते चूड़ी जुड़ाई स्थलों पर सन्नाटा पसरा नजर आया।
गर्मी का मौसम आते ही सुहागनगरी के चूड़ी उद्योग पर हड़ताल का साया पड़ गया। कारखानों में बनने वाली चूड़ियों को श्रमिक अपने घरों में लेकर जाकर जुड़ाई करते हैं। श्रमिक बस्तियों में करीब लाख श्रमिक हर रोज चार से पांच लाख तोड़े जोड़े जाते हैं। कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के आह्वान पर सोमवार से जुड़ाई मजदूरों ने कामबंद हड़ताल कर दी, जिससे घरों में होने वाला जुड़ाई कार्य बंद हो गया।
हालांकि जिन श्रमिकों के यहां पुराना स्टॉक रखा था, उन घरों में चोरी छिपे जुड़ाई कार्य करते नजर आए। वहीं हड़ताल को सफल बनाने के लिए संघ के पदाधिकारी सुबह से श्रमिक बस्तियों में सक्रिय दिखे।
संघ के मंत्री रामदास मानव, समसुद्दीन कुरैशी, रईसउद्दीन, जमील अहमद, शाहिद, शाकिर, मुकीम पहलवान, दिनेशचंद्र, सूरजपाल सिंह क्रांति, मुकेश कुमार ने श्रमिक बस्तियों में भ्रमण कर हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
चूड़ी जुड़ाई के यह हैं प्रमुख मोहल्ले...
दुर्गेश नगर, कस्साबान, रसूलपुर, मशरूरगंज, ताड़ो वाली बगिया, कश्मीरी गेट, आजाद नगर, करबला, हिमायूंपुर, भीमनगर, जगजीवन राम नगर, मुरली नगर, नई बस्ती, कटरा मोहल्ला, नेहरू नगर, संतनगर, फुलबाड़ी, मालवीय नगर, बासठ, आसफाबाद, नगला मिर्जा, बौद्ध नगर, नारायन नगर, सैलई, प्रताप नगर, सरजीवन नगर, सम्राट नगर, मोहल्ला खेड़ा, कबीर नगर, इंद्रा नगर, झलकारी नगर, कौशल्या नगर, न्यू रामगढ़, गंगानगर, ऐलान नगर, इंद्रनगर।
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- यह हैं श्रमिकों की प्रमुख मांग
- - चूड़ी जुड़ाई में 20 मजदूर आठ घंटे में 100 तोड़े तैयार करते हैं, अत: 20 श्रमिकों का सर्वे कराकर मजदूरी का न्यूनतम वेतन निर्धारित किया जाए।
- - चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों को फ्री सेल मिट्टी का तेल दिलाया जाए।
- - जुड़ाई श्रमिकों को बैंक खातों के माध्यम से भुगतान कराया जाए।
- - चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के पंजीकरण की आयु 40 से बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए
- - चूड़ी जुड़ाई मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
- - चूड़ी जुड़ाई कार्य कारखाना परिसर में कराया जाए।
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चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों से संबंधित समस्याओं का निदान सेवायोजक व श्रमिक पक्ष के बीच समझौता वार्ता कराकर कराया जा चुका है। समझौते से दोनों पक्ष सहमत हो गए थे। समझौता वार्ता के बावजूद हड़ताल करना सही नहीं है। जिस श्रमिक संगठन ने हड़ताल का नोटिस दिया है, यदि पंजीकृत यूनियन है तो वह अपना पंजीकरण कार्यालय में जमा कराएं।
राजीव कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त