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Firozabad News: भूगर्भ जल दोहन में मनमानी कर रहीं 400 इकाइयां

Fri, 29 Mar 2024 11:19 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। भूभर्ग जल का दोहन कर रहीं शहर की कांच व चूड़ी इकाइयां, ईंट भट्ठे, शीतगृह, पेपर इंडस्ट्रीज सहित 400 इकाइयां भूगर्भ जल संरक्षण विभाग आगरा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योग विभाग के रडार पर हैं। इन इकाइयों को अब विभागीय एनओसी हासिल करनी होगी। अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बृहस्पतिवार को इन तीनों विभागों के अधिकारियों ने चिंता जाहिर करते हुए इन इकाइयों पर नोटिस जारी किए जाने की बात कही है। टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों के अलावा चायना पॉलिश प्लांटों में प्रतिदिन लाखों लीटर पानी खर्च होता है। आंशिक डार्क जोन फिरोजाबाद ब्लॉक क्षेत्र में संचालित उक्त सभी इकाइयां औद्योगिक कार्यों के लिए भूगर्भ जल का दोहन कर रहीं हैं। अत्याधिक मात्रा में भूगर्भ जल का दोहन कर रहीं लगभग 400 कांच, चूड़ी, ईंट भट्ठे, पेपर इंडस्ट्रीज, कोल्ड स्टोर अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं भूगर्भ जल संरक्षण विभाग आगरा के रडार पर हैं। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में इस आशय की एक बैठक हुई। बैठक में अफसरों ने भूगर्भ जल दोहन कर रहीं इकाइयों को विभागीय अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने की हिदायत दी है। अन्यथा की स्थिति में इन सभी इकाइयों के विरुद्ध सीलिंग व नोटिस जारी करने की चेतावनी दी गई।
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इन औद्योगिक कार्यों के लिए हो रहा भूगर्भ जल का दोहन
माउथ ब्लोइंग एवं कांच चूड़ी निर्माण इकाइयों एवं चायना पॉलिश प्लांटों में कार्यावधि के दौरान निरंतर जलापूर्ति होती है। पानी की पूर्ति के लिए 400 से अधिक इकाइयों में निजी सबमर्सिबल पंप के जरिए भूगर्भ जल का दोहन होता है। इसके अलावा कांच की भंगार को साफ करने एवं केमिकल पॉलिश वाले निष्प्रोज्य कांच आयटमों की सफाई में भी भूगर्भ जल का दोहन होता है।

-वर्तमान में संचालित कांच इकाइयां 70
-वर्तमान में संचालित माउथ ब्लोइंग इकाइयां 17
शहर में संचालित चायना पॉलिश प्लांट 25
ईंट भट्ठे की संख्या 125
शीतगृह की संख्या 80
अन्य इकाइयां-75
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निगम के नालों में बह रहा केमिकल युक्त पानी
चायना पॉलिश प्लांटों व चूड़ी निर्माण इकाइयों में केमिकल युक्त पानी के शोधन के कोई इंतजाम नहीं हैं। जल शोधन के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण कांच इकाइयों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी निगम के नालों में होते हुए यमुना नदी में पहुंच रहा है। हालांकि बीते दिसंबर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इकाई परिसर में दूषित पानी के शोधन के लिए संयंत्र लगाने की चेतावनी जारी की गई थी।
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बगैर अनुमति भूगर्भ जल का दोहन कर रहीं कांच इकाइयाें, ईंट भट्ठों, शीतगृहों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अगर एनओसी नहीं ली तो उनके सभी के विरुद्ध भूगर्भ जल अधिनियम 2019 के तहत सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के तहत अनाधिकृत रूप से जल दोहन करने पर एक साल की सजा का प्रावधान है। राजकुमार, अवर अभियंता भूगर्भ जल विभाग आगरा परिक्षेत्र
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