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झंडी मिलने के इंतजार में 40 इकाइयां

Tue, 07 Jun 2016 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
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झंडी मिलने के इंतजार में 40 इकाइयां - फोटो : अमर उजाला
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करोड़ों रुपये का निवेश करने के बाद भी नए उद्योग शुरू नहीं हो पा रहे हैं। सुहागनगरी में करीब 40 इकाइयां टीटीजेड से हरी झंडी मिलने का लंबे समय से इंतजार कर रही हैं। गेल द्वारा गैस न देने के कारण उद्यमियों के कदम थम गए हैं। वह गैस मिलने की उम्मीद में सरकारी विभागों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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सुहागनगरी में 200 कांच इकाइयां गैस से संचालित हैं। टीटीजेड में लगातार बढ़ते प्रदूषण एवं क्षमतावृद्धि के मामले में बड़े समूहों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही हैं। बढ़ते प्रदूषण एवं क्षमता विस्तार के मुद्दे पर जनवरी 15 में टीटीजेड अध्यक्ष ने कांच इकाइयों द्वारा किए गए क्षमता विस्तार को फ्रीज करते हुए नई इकाइयां लगाने पर भी रोक लगा दी थी। यही नहीं गेल गैस लि. को बिना अनुमति किसी नई इकाई को गैस न देने के भी निर्देश दिए गए थे। टीटीजेड आथॉरिटी के इस कदम से नई इकाइयां चालू करने की उम्मीद पाले उद्यमियों पर तुषारापात हो गया। गैस उपलब्ध न कराने से उद्यमी दर-दर भटक रहे हैं।
जिला उद्योग केंद्र से जुड़े सूत्रों का कहना है कि करीब 40 इकाइयां ऐसी हैं जिन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर सेटअप तैयार किया है। प्रदूषण के मामले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कराई नीरी की जांच रिपोर्ट भी टीटीजेड में दाखिल हो चुकी है। उद्यमियों को आशा है कि टीटीजेड से जल्द इकाइयों को हरी झंडी मिल सकती है।
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इन इकाइयों ने किए हैं गैस के लिए आवेदन
हरिओम ग्लास इंडस्ट्रीज, अनुराधा इंडस्ट्रीज, इंपीरियर ग्लास इंडस्ट्रीज, गंगा ग्लास इंडस्ट्रीज, नन्नूमल ग्लास, नारसी ग्लास वर्क्स, ताज ग्लास इंडस्ट्रीज, बंसल केमिकल इंडस्ट्रीज, पकाई भट्ठी हितकारी उद्योग सहकारी समिति, शिव चाइना ग्लास, कौशिक ग्लास इंडस्ट्रीज, गिरधारीलाल मोहनलाल ग्लास वर्क्स, श्री संत ग्लास वर्क्स, लघु उद्योग पकाई भट्ठी, चंद्रा ग्लास वर्क्स, जिंदल रिफेक्ट्रीज, लक्ष्मी ग्लास इंडस्ट्रीज, नोर्दन ग्लास वर्क्स, सुशीला ग्लास वर्क्स, वेस्ट ग्लास इंडस्ट्रीज, केबी ग्लास।

चेक होगा प्रजेंट स्टेटस
टीटीजेड में जिन इकाइयों ने नए उद्योग लगाने को आवेदन किए हैं। डीएम के निर्देश पर आवेदन करने वाली सभी इकाइयों की वर्तमान स्थिति पता लगाई जाएगी कि उन्होंने मौके पर सेटअप लगाया है अथवा नहीं। सर्वे के आधार पर टीटीजेड को नए सिरे से प्रस्ताव भेजा जाएगा।

हजारों श्रमिकों को मिलेगा रोजगार
यदि टीटीजेड से इन इकाइयों को हरी झंडी मिलती है तो नए उद्योगों के चालू होने से हजारों श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। एक सैकड़ा से अधिक पकाई भट्ठियां बंद होने, लस्टर चूड़ी बनना बंद होने से हजारों श्रमिक बेरोजगार होकर सड़कों पर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
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