पुलिस फिटनेस परीक्षा के दौरान ओबीसी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र न होने की स्थिति में पुलिस लाइन से बाहर कर दिया गया। न्याय के लिए अभ्यर्थी डीएम आफिस पहुंचे और एडीएम को मामले से अवगत कराया।
27 मार्च से शुरू हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए चार अप्रैल को आगरा और मथुरा से करीब सौ अभ्यर्थियों को पुलिस लाइन बुलाया गया था। इसमें करीब 17 युवतियां भी शामिल थीं। दोपहर करीब 12 बजे मथुरा और आगरा से आए करीब 40 ओबीसी जाति के अभ्यर्थियों का फिटनेस परीक्षा के लिए नंबर आया तो उनके पास एक अप्रैल 2012 से लेकर 20 अगस्त 2013 के बीच के जाति प्रमाण पत्र नहीं थे। इसके चलते उनको फिटनेस परीक्षा से बाहर कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया तो वहां मौजूद पुलिस बल ने सभी को पुलिस लाइन के गेट के बाहर कर दिया। इसके बाद वह डीएम विजय किरन आनंद के पास पहुंचे उनके नहीं मिलने पर एडीएम कार्मेंद्र सिंह को मामले से अवगत कराया। पुष्पेंद्र, अमित, विश्वेंद्र, कौशल आदि का कहना था कि यह नियम लागू करना था तो 27 मार्च से शुरू हुई फिटनेश परीक्षा से पूर्व घोषणा कर देनी चाहिए थी। 27 मार्च से एक अप्रैल तक कोई नियम लागू नहीं था। अब नियम को लागू करना शासन द्वारा अभ्यर्थियों के साथ गलत किया जा रहा है। इसको किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। सीओ सदर जगदीश सिंह का कहना है कि इन लोगों से सामान्य वर्ग में परीक्षा देने के लिए कहा गया था। लेकिन अभ्यर्थियों द्वारा मना दिया गया। इस मामले से पूर्व में शासन को अवगत करा दिया गया है। शासन ने 13 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है। इसलिए 13 अप्रैल को बुलाया जाएगा।