अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में नारखी ब्लाक परिसर में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन शनिवार को किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दवाएं भी वितरित की गईं। डायबिटीज, बीपी और एचआईवी सहित कई प्रकार की जांचे एक ही स्थान पर पाकर लोगों के चेहरे खिल गए। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग का शिविर में उल्लेखनीय सहयोग रहा।
शिविर में सुबह से ही महिलाओं, पुरुषों के अलावा बच्चों की भीड़ लगी रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ नेमीचंद्रा, फीजिशियन डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ आरपी गोयल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कृष्णा यादव एवं डॉ हिमांशी सागर ने मरीजों का परीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र कोटला एवं एनसीडी केंद्र जाटऊ के डॉ योगेंद्र सिंह, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी शिवनाथ सिंह, एसपी मिश्रा काउंसलर, विमल श्रीवास्तव, सोनू बाथम, गौरव उपाध्याय, योगेश शुक्ला ने विशेष सहयोग प्रदान किया। खंड विकास अधिकारी प्रतिमा निमेष भी शिविर में पहुंची और उन्होंने कैंप की सरहाना की।
बच्चों को पिलाया गया विटामिन ए का घोल
एएनएम सर्वेश मिश्रा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रीती कश्यप ने नौ माह से पांच वर्ष तक के 53 बच्चों को विटामिन ए का घोल एवं दवा पिलाई। गर्भवती महिलाओं के टीकारण के साथ आयरन की गोलियां वितरित की।
फिजियोथेरेपी केंद्र पर लगी रही भीड़--
स्वास्थ्य शिविर में फिजियोथेरेपी स्पेशलिस्ट राजकुमार तिवारी ने मरीजों को व्यायाम की सहायता से कमर, सिर दर्द, घुटनों एवं कंधाें में दर्द आदि बीमारियाें से राहत पाने की जानकारी दी।
शिविर में रहा विशेष सहयोग
नारखी धौकल के प्रधान राजीव, प्रधानसंघ के अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह, धर्मराज सिंह, सोनू गुप्ता, रज्जाक मोहम्मद, अरविंद सिंह, बबलू खां, ठाकुर गौरव, अंशू सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।
वर्जन-
अब तक फिजियोथेरेपी के बारे में नहीं सुना था, मगर शिविर में इसके बारे में जानकरी मिली। कमर और घुटने के दर्द से काफी राहत मिली है।
यामिन खां
पूरे शरीर में दर्द रहता है। शहर में जाकर इलाज करना संभव नहीं। यहां शिविर लगने से बढ़ा फायदा मिला। चिकित्सकों से दवाई ली हैं एवं फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ से व्यायाम भी सीख लिया है।
मुकुंदीलाल
शिविर में व्यवस्थाएं स्वास्थ्य केंद्र से भी अच्छी हैं। यहां पूरी दवाएं मिल गईं एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों को दिखाकर संतुष्टी मिली है।म
विजय लक्ष्मी
बच्चे को निमोनिया हो गया है। वैसे इलाज के लिए शहर तक ले जाना पड़ता। शिविर लगने से भागदौड़ बच गई।
लक्ष्मीदेवी
घबराहट की शिकायत है। चलने फिरने में भी परेशानी होती है। शहर से डाक्टरों के आने के बारे में सुना तो तुरंत चले आए और डाक्टर को दिखाकर दवाई भी ली।
प्रेमादेवी