एन कैप के तहत बनीं अमृत नगर की जर्जर सड़क।
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फिरोजाबाद। नगर निगम की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत करीब डेढ़ साल पहले निर्मित सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 37.43 लाख की लागत वाली सड़क गिट्टियां उखड़ने लगीं हैं। वहीं दोनों ओर के किनारों पर गहरी-गहरी दरारें दिखने लगीं हैं। क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और नगर आयुक्त से की गई है।
टीटीजेड के नगर निगम क्षेत्र में अत्याधिक धूल वाली कच्ची सड़कों की दशा सुधार एवं हरित पट्टिका निर्माण को करोड़ों रुपये की राशि का अनुदान जारी किया गया। उक्त धनराशि से अत्याधिक धूल वाले स्थानों पर कच्ची सड़कों को आरसीसी के जरिए पक्का कराने एवं सड़क पटरी व डिवाइडरों पर हरित पट्टिका तैयार कराई गई। इन्हीं में से वार्ड संख्या 18 अमृत नगर में सीसी निर्माण के जरिए सड़क व नाली निर्माण कराया गया। निर्माण का जिम्मा मैसर्स आर.आर. कॉन्ट्रेक्टर का नामक संस्था को दिया गया। लेकिन करीब डेढ़ साल पहले एन-कैप के तहत तैयार सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अमृत नगर से फतेहाबाद मार्ग को जोड़ने वाली करीब 400 मीटर लंबी सड़क के बीचों बीच कई जगहों पर गिट्टियां उखड़ने लगीं हैं। वहीं सबसे से खराब स्थिति सड़क के दोनों ओर बनाई नालियों के सहारे कई-कई मीटर लंबी व गहरी दरारें कार्यदायी संस्था के ठेकेदार बरती गई लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है। वहीं केंद्रीय अंशदान से बनी सड़क की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत क्षेत्रीय नागरिक रामबाबू, कुंवर पाल निषाद ने मुख्यमंत्री व नगर आयुक्त से शिकायत की है।
नुक्कड़ पर अधूरी छोड़ दीं नालियां
जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण एन-कैप के तहत बनाई सड़क निर्माण में ठेकेदार ने जमकर मनमानी की। वहीं नाली का ढलान सही नहीं होने के कारण आबादी क्षेत्र से निकलने वाला गंदा पानी के निकासी भी अवरुद्ध है।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत निर्मित सड़कों का पांच साल तक रखरखाव का जिम्मा कार्यदायी संस्था का होता है। ठेकेदार को सड़क की दशा सुधार को निर्देशित किया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। - मनीष कुमार सिंह, मुख्य अभियंता निगम, प्रभारी एन-कैप