त्रिस्तरीय पंचायतों के परिसीमन का काम गुरुवार से शुरू हो गया। जिला पंचायत के वार्डों की संख्या जिले में 28 से बढ़कर 34 हो जाएगी। वहीं क्षेत्र पंचायतों के वार्डों की संख्या 840 हो जाएगी। जिले में 64 पंचायतों के बढ़ने के साथ ही ग्राम पंचायतों के वार्डों की संख्या भी बढ़ना तय है।
जिले में 2015 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर होगी। ग्राम पंचायतों की संख्या 506 से बढ़कर 570 हो गई। 2011 की जनगणना के अनुरूप जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत अथवा ग्राम पंचायतों के वार्डों का गठन किया जा सकेगा। पंचायती राज विभाग के सचिव चंचल तिवारी ने इन वार्डों के परिसीमन का कार्यक्रम जारी किया है। 12 फरवरी से शुरुआत होने के साथ ही डीएम विजय किरन आनंद ने त्रिस्तरीय पंचायतों के परिसीमन की जिम्मेदारी अफसरों को सौंप दी है। पंचायती राज विभाग के सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों के वार्डों का निर्धारण करने का कार्य ग्राम पंचायत के सचिव एवं एडीओ पंचायत द्वारा होगा। क्षेत्र पंचायत के वार्डों का गठन बीडीओ और एडीओ पंचायत रहेंगे। सबसे अहम जिला पंचायत के वार्डों का गठन डीएम की अध्यक्षता वाले कमेटी करेगी। कमेटी में सीडीओ के साथ डीपीआरओ भी रहेंगे। ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का अवधारण का काम 12 से 25 फरवरी तक होगा। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्डों) की प्रस्तावित सूची तैयार और प्रकाशन 26 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। आपत्तियां 13 मार्च से 20 मार्च तक ली जाएगी। वहीं निस्तारण 21 से 27 मार्च के बीच होगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 28 मार्च से तीन अप्रैल तक होगा। इसे 13 अप्रैल तक पंचायती राज निदेशालय को भेजना होगा।
परिसीमन से जुड़ी खास बातें-
- 16 लाख 76 हजार 532 है जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुल आबादी।
- औसतन 50 हजार जनसंख्या पर बनेगा जिला पंचायत का एक वार्ड।
- दो हजार की आबादी पर बनेगा क्षेत्र पंचायत का एक वार्ड।
- ग्राम पंचायतों के वार्ड का गठन संबंधित पंचायत की जनसंख्या के आधार पर होगा।