फिरोजाबाद। जिले के निजी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश देने के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। आरटीई के तहत चयनित 3950 विद्यार्थियों में 3227 को प्रवेश दिया जा सका है। बीएसए स्तर से खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। निजी विद्यालयों को दाखिला देने के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन करनी होगी।
जिले में एक हजार से अधिक निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं। वहीं नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में गत 20 जनवरी से आरटीई के तहत आवेदन लिए गए थे। वहीं चार चरणों मेंं आवेदन और लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3227 विद्यार्थियों का चयन हो सका है। इन चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों की सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। चौथे चरण की लॉटरी के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया अभी चल रही है। बीएसए आशीष पांडेय ने बताया कि खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से छात्रों का निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया जा रहा है। तीन चरणों में कुल 3227 बच्चों को प्रवेश दिलाया जा चुका है।
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प्रवेश देने के साथ ही डॉटा करना होगा ऑनलाइन
निजी विद्यालयों को गरीब बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क दाखिला देने के साथ ही उनका डाटा ऑनलाइन करना होगा। इसके बाद शासन स्तर से गरीब बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति के अलावा बच्चों को योजना का लाभ दिया जा सकेगा। वहीं बीएसए स्तर से विद्यालयों में आरटीई के तहत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
लॉटरी चयनित बच्चे प्रवेश
पहली-1184-1125
दूसरी- 1367- 1249
तीसरी-966-853
चौथा चरण- 433- 00