जिले के 29 गांव शीघ्र खुले से शौचमुक्त घोषित किए जाएंगे। पंचायतीराज विभाग ने प्रधानों की ओर से दिए प्रस्ताव की जांच करानी शुरू कर दी है। जांच के बाद इन गांवों के ओडीएफ घोषित होने के साथ ही जिले में खुले में शौचमुक्त गांवों की संख्या सौ से अधिक हो जाएगी। इसके साथ ही अब नए गांवों का चिह्नांकन कर अभियान को तेज करने की रणनीति तय की गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में अभी तक 71 गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके है। इन गांवों की दोबारा से मॉनीटरिंग का काम विभाग की ओर से किया जा रहा है। इस कार्य के लिए गांव में टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। वहीं प्रधानों द्वारा गांव को ओडीएफ घोषित किए जाने का प्रस्ताव तैयार कर डीपीआरओ को सौंपा गया है। गांव को खुले में शौचमुक्त किए जाने का प्रस्ताव आने के साथ विभाग ने जिला स्तरीय टीम से जांच कराना शुरू करा दिया है। इसके लिए जांच टीम द्वारा गांव में जाकर स्थलीय सत्यापन के दौरान प्रैक्टीकल रूप से पड़ताल की जाएगी।
यह गांव घोषित होंगे ओडीएफ
- कमालपुर खास, चिड़रई खास, बैंदी, मुहम्मदपुर बिहारीपुर, बनवीरपुर कुढ़ी, जारखी, छितरई, मई गदोखर, जलालपुर मरघटी, जाफराबाद, सेनावली, मुहम्मदपुर माड़ई, गढ़ी सिधारी, लखनई, निजामपुर, लखौआ, शेखपुरा, भौंड़ेला, भीकनपुर सदासुख, नगला राधे, सुनावई, नगरिया, आलमपुर, गलामई, पहाड़पुर, नयाबांस, नगला सूरज, बाघई।
29 गांव ओडीएफ घोषित करने का प्रस्ताव मिला है। जांच के बाद ओके रिपोर्ट आने पर तत्काल गांवों को ओडीएफ घोषित किया जाएगा। नए गांवों का चिह्नांकन शुरू कर दिया गया है।
यतेंद्र सिंह यादव
डीपीआरओ फिरोजाबाद।