सदर ब्लाक की 27 ग्राम पंचायतों में करीब 2.75 करोड़ का घोटाला पकड़ में आया है। जिला लेखा परीक्षाधिकारी ने आडिट में यह मामला पकड़ा है। इन ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2014-15 में ग्रांट आवंटित की गई थी। इसके लिए जिम्मेदार प्रधानों और सचिवों से वसूली के लिए डीपीआरओ को पत्र जारी किया है।
राज्य वित्त एवं चौदहवें वित्त से ग्राम पंचायतों को जारी होने वाली लाखों की धनराशि की आडिट जिला लेखा परीक्षाधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायत के द्वारा की जाती है। ऑडिट के दौरान पाया कि वित्तीय वर्ष 2014 -15 में 27 पंचायतों ने बजट खर्च तो दिखा दिया लेकिन अभिलेख मुहैया नहीं कराए। आडिट में इसे गबन मानते हुए फीरोजाबाद ब्लाक की इन पंचायतों के प्रधान एवं सचिवों के खिलाफ रिकवरी जारी की है।
लर्तुरा के प्रधान इंद्रवती पर 7.35 लाख, जलालपुर के मूलचंद्र पर 10.60 लाख, बसई मोहम्मदपुर के राजवीर सिंह पर 10.50 लाख, अलीनगर कैंजरा के प्रधान गजराज सिंह पर 22.31 लाख, मोढ़ा की पूर्व प्रधान मिथिलेश यादव पर 17 लाख, नागऊ की पूर्व प्रधान मायादेवी पर 19.52 लाख, किन्हरपुर के पूर्व प्रधान प्रभूदयाल पर 3.59 लाख, फरौल नगरिया के पूर्व प्रधान मूलचंद्र पर 10.26 लाख, मटसेना के पूर्व प्रधान मुखिया सिंह पर 10.87 लाख, बजीरपुर जेहलपुर के पूर्व प्रधान धर्म सिंह पर 10.26 लाख, खगरई के पूर्व प्रधान राजकुमार पर 9.43 लाख, सैंगई के पूर्व प्रधान रेशमपाल पर 8.78 लाख, बाजिदपुर कुतुकपुर की प्रधान संजू देवी पर 10.34 लाख, सरगवां के पूर्व प्रधान रामसनेही पर 9.47 लाख, दतावली के पूर्व प्रधान अहिबरन सिंह पर 16.27 लाख, सड़ामई के पूर्व प्रधान अमर सिंह 7.79 लाख, कोलामई के पूर्व प्रधान संतोष कुमार पर 5.27 लाख, जैंदामई के पूर्व प्रधान सावित्री पर पांच लाख, उलाऊखेड़ा के पूर्व प्रधान उमेशचंद्र पर 18.92 लाख, ढकपुरा के पूर्व प्रधान विनोद पर 1.98 लाख, सोफीपुर के पूर्व प्रधान यतीश कुमार राजपूत पर 7.24 लाख, जरौलीकलां के पूर्व प्रधान चंद्रपाल पर 23.61 लाख, जरौली खुर्द के अर्जुन सिंह पर 12.84 लाख, भौंडेला के भीकम सिंह पर 5.95 लाख, नगला मुल्ला के इरफान अली पर 6.50 लाख, आकलपुर दामोदारपुर के रामदेवी पर 6.24 लाख व आलमपुर कनैटा के पूर्व प्रधान पुष्पेंद्र सिंह पर 3.13 लाख रुपये की रिकवरी जारी की है। डीपीआरओ यतेंद्र सिंह यादव को पत्र भेजकर इन प्रधान एवं सचिवों से वसूली के आदेश दिए हैं।
इन सचिवों पर कसेगा शिकंजा
पूर्व प्रधानों के साथ ही दस पंचायत सचिवों पर शिकंजा कसेगा। महेंद्र सिंह, साबिर अली, राजपाल सिंह, राकेश सिंह, रामशंकर, मान प्रताप सिंह, दिलीप कुमार, बहादुर सिंह, राजबहादुर सिंह, सुरेश बाबू शामिल हैं।
ग्राम पंचायतों में लाखों का गबन नहीं हो सकता। जिला लेखा परीक्षाधिकारी को पंचायतों ने खर्च की धनराशि के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराएं होंगे इसके कारण रिकवरी इतनी अधिक जारी हुई है। एडीओ पंचायत को लगाकर अभिलेख मुहैया कराए जाएंगे ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
यतेंद्र सिंह डीपीआरओ फीरोजाबाद।