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45 दिनों में चली गई 26 लोगों की जान, फिर भी लोग नहीं हो रहे जागरुक

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फिरोजाबाद। हादसों को रोकने के लिए न तो लोग जागरूक हो रहे हैं और न ही विभागीय अधिकारी कोई पहल करते नजर आते हैं। वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करें और लोग जागरूक हो। इसके लिए सरकार द्वारा हर वर्ष नवंबर माह को यातायात माह के रुप में मनाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी बीते 45 दिनों में 26 जान मार्ग दुर्घटना में चली गईं। जबकि 100 से अधिक गंभीर घायल शहर के विभिन्न अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। 18 जनवरी से लेकर 17 फरवरी तक संभागीय परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा का आयोजन किया गया था। सड़क सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार द्वारा करीब एक लाख 80 हजार रुपये परिवहन विभाग को दिए गए। विभाग ने स्कूल, कॉलेजों में गोष्ठी कर इस अभियान को पूरा कर लिया लेकिन हादसों में कोई कमी नहीं आई। दो जनवरी से लेकर 17 फरवरी तक जिले में हुए हादसों पर गौर किया जाए तो उनकी संख्या सौ से अधिक है। इसमें करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत 18 जनवरी से 17 फरवरी तक 10 लोगों की मौत हुई। दो से 15 जनवरी तक कुल 15 लोगों की मौत हादसों में हुई।
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गोवंश भी बन रहे है हादसे का कारण
नेशनल हाईवे पर धूम रहे गोवंश भी हादसे का कारण बन रहे है। 13 जनवरी को बाइक सवार युवक गोवंश से टकरा गई। इसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
इन स्थानों पर होते हैं सर्वाधिक हादसे
सिरसागंज स्थित बाबा की शाला, राजा का ताल, टूंडला ओवर ब्रिज, उसायनी, मोढ़ा और कनेटा चौराहा, मक्खनपुर स्थित बिल्टीगढ़ चौराहा, रुपसपुर, नवादा, सय्यद बाबा की मजार, नौशहरा पुल शिकोहाबाद के साथ अन्य स्थानों पर अक्सर हादसे होते है।
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