प्रकृति की मार से जिले का किसान तबाह हो गया, सरसों की फसल खेतों मे झड़ गई, आलू की क्यारियों में पानी भर जाने से सड़ने के कगार पर है वहीं ओलों ने गेहूं की फसल जमीन पर बिछा दी। शहर में आलों की चादर बिछ गई। किसानों के पास अपना भाग्य कोसने के अलावा कुछ नहीं बचा। गौंछ में आकाशीय बिजली गिरने टिनशेड गिर गई। गलियों में जलभराव होने के कारण राह निकलना मुश्किल हो गया।
शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार की शाम तक नहीं थमी। किसान पूरी रात जागकर खेतों में खुदे पड़े आलू को बचाने में जुटा रहा। सुबह आलू को कोल्ड भिजवाता उससे पहले ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे आलू की खोदाई का काम रुक गया। तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण गेहूं एवं जौ की फसल खेतों में ही बिछ गई। शेखपुरा में रामनरेश की पांच बीघा खीरा, ब्रजमोहन का गेहूं एवं श्यामपाल की खीरा की फसल बर्बाद हुई। कपावली, नैपई, बरतरा, रैपुरा क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण खीरा, लौकी एवं तोरई की फसल टूट गई। सरसों खेतों में झड़ गई। धनियां का फूल झड़ गया। ओले काफी देर तक खेतों में पड़े रहे। किसान खेतों में फसलों को पसरा देख रो पड़ा। गौंछ में आकाशीय बिजली गिरने के कारण महेश पुत्र रनवीर सिंह के मकान की टिनशेड टूट गई। जसराना में बारिश के कारण गेहूं, सरसों, आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ। फरिहा क्षेत्र में भी बारिश ने किसानों को तबाह कर दिया। नारखी क्षेत्र में किसान खुदे पड़े आलू को खेतों में ढंककर बचाने का प्रयास करता दिखा। खैरगढ़ में खेतों में पानी के भरने के कारण खोदाई का काम थम गया। सिरसागंज क्षेत्र में कोल्डस्टोरेज के बाहर आलू रखने को किसानों की कतार ही लगी दिखाई दी।
शहर में जलभराव, निकलना भी मुश्किल
बारिश के कारण शहर में जलभराव दिखाई दिया। कोटला रोड, बोधाश्रम रोड व सर्विस रोड पानी से भरा दिखा। रामलीला चौराहा, जलेसर रोड, शिवाजी मार्ग पर पानी भरा रहा। नई बस्ती रोड, चंद्रवार गेट एवं पेमेश्वर गेट रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से दिक्कत हुई। कोटला चुंगी चौराहे के समीप नाले की सिल्ट बिखरी होने के ही कारण लोगों को राह निकलना भी मुश्किल था। न्यू तिलक नगर के साथ कई निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी भरा था। सरस्वती नगर की मुख्य गली बारिश के ही पानी से घिरी थी। नगर पालिका, अस्पताल प्रांगण के साथ बिजली घर के कार्यालय में बारिश का पानी भर गया। गांधीपार्क व बस स्टेंड के सामने पानी भर जाने के कारण यहां दुकानें बंद थीं।
ओलावृष्टि के दौरान थम गई राहें
दोपहर करीब दो बजे दस मिनट तक ओले गिरे तो शहर की सड़कों और गलियों में सन्नाटा छा गया। लोग ओलों से बचने को छत तलाशते नजर आए। सर्विस रोड पर सिर्फ ओले ही ओले दिखाई दिए। शाम को मुख्य बाजार समय से पहले ही बंद हो गया।
बारिश, ओलावृष्टि से हुए असर का जिले में सर्वे कराया जाएगा। किसानों को हुई हानि का आंकलन करके शासन को भेजेंगे। जिससे शासन से किसानों को राहत मिल सके।
कर्मेंद्र सिंह, एडीएम फीरोजाबाद।