समाज कल्याण विभाग की लापरवाही नगर निगम कर्मचारियों को भारी पड़ रही है। विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन के फार्म सत्यापन को भेजे गए हैं, लेकिन उन फार्मों में नाम पते स्पष्ट न होने के कारण कर्मचारियों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
शासन के निर्देश पर नगर निगम द्वारा वृद्धावस्था पेंशन के फार्म भरवाए गए थे। इन फार्मों को समाज कल्याण विभाग को भेजा गया था। विभाग द्वारा फीडिंग कराने के साथ एकाउंट नंबर भी खुलवाए गए हैं, लेकिन फार्मों की फीडिंग में खासी लापरवाही बरती गई है। वृद्धावस्था पेंशन के लिए पात्रों के नाम पते तक स्पष्ट दर्ज नहीं किए गए। ऐसे ही फार्मों को सत्यापन के लिए नगर निगम को भेज दिया गया। विभाग द्वारा करीब 400 फार्म भौतिक सत्यापन को उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पता चल सके कि पात्र जीवित हैं या नहीं। समाज कल्याण विभाग ने आधे अधूरे भरे फार्मों को सत्यापन के लिए भेजकर नगर निगम की परेशानी बढ़ा दी है। नगर आयुक्त के निर्देश पर सुपरवाइजरों को घर-घर भेजकर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है, लेकिन फार्मों में स्पष्ट नाम पते अंकित न होने के कारण आवेदक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। सुपरवाइजर वार्डों में दस्तक देकर बैरंग लौट रहे हैं। क्षेत्र के सभासदों, नागरिकों से पूछताछ के बाद बमुश्किल अभी तक 140 फार्मों का ही सत्यापन हो सका है।
अवकाश के दिन भी सत्यापन
नगर निगम में शनिवार को अवकाश के दिन भी समाजवादी पेंशन फार्मों का सत्यापन कराया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा तीन हजार फार्मों के बाद शुक्रवार को करीब एक सैकड़ा फार्म उपलब्ध कराए गए थे, जिनके भौतिक सत्यापन को टैक्स विभाग के कर्मचारी शनिवार को भी जुटे रहे।