गर्मी के मौसम में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। बुंदेलखंड की तर्ज पर भेजे गए प्रस्ताव के सापेक्ष 200 हैंडपंप रीबोर करने के लिए जल्द ही जल निगम को बजट मिलने स्वीकृति हो चुकी है। हेड क्वार्टर के आदेश पर जल निगम द्वारा कार्य प्रारंभ करा दिया है।
पेयजल टंकियों के देखरेख के अभाव में लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी हैं। वहीं जलस्तर गिरने के कारण 12 हजार हैंडपंपों के हलक सूख चुके हैं। शासन के सर्वे के बाद बुंदेलखंड की तर्ज पर पेयजल संकट के निदान को प्रस्ताव मांगे गए थे। जलनिगम द्वारा 6444 हैंडपंप रीबोर करने के लिए शासन से 42 करोड़ का बजट मांगा है। वहीं जनपद में बंद पड़ी व आंशिक रूप से चालू पेयजल योजनाओं को चालू कराने के लिए करीब 80 करोड़ का बजट मांगा गया है। 109 टीटीएसपी भी स्थापित कराए जाने हैं।
जलनिगम द्वारा भेजे गए सवा अरब के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्ताव मंजूर होने के साथ ही 200 हैंडपंप रीबोर का एक करोड़ 38 लाख बजट भी जलनिगम मुख्यालय को मिल चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप रीबोर करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
जलनिगम एक्सईएन आरसी सैनी का कहना है कि हैंडपंप रीबोर का बजट मुख्यालय को प्राप्त हो चुका है। मुख्यालय के आदेश पर ही हमने कार्य भी प्रारंभ करा दिया है। माह के अंत तक सभी 200 हैंडपंप रीबोर करा दिए जाएंगे।