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चुनाव पेज के लिए टाप बाक्स 2009 में चुनाव जीतना तो दूर जमानत तक नहीं बचा सके थे भाजपा,बसपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशी

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2009 में जमानत तक नहीं बचा सके थे भाजपा, बसपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशी
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भाजपा विधायक मनीष असीजा निर्दलीय लड़े थे, उनकी भी जमानत जब्त हुई थी
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। पिछले तीन चुनावों की बात करें तो भाजपा, बसपा, कांग्रेस सहित कई प्रत्याशियों की जमानत तक नहीं बच सकी थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में कांग्रेस, बसपा प्रत्याशियों की तो अखिलेश एवं डिंपल के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
2009 का लोकसभा चुनाव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 67301 मतों से जीता था उन्होंने बसपा के प्रो. एसपी सिंह बघेल को हराया था। लेकिन इस चुनाव में भाजपा के रघुवर दयाल वर्मा तथा कम्युनिस्ट पार्टी की रज्जोदेवी, कांग्रेस के राजेंद्रपाल, पूर्व मंत्री अशोक यादव एवं वर्तमान में भाजपा नगर विधायक मनीष असीजा ने निर्दलीय चुनाव लड़े थे। लेकिन इनकी जमानत जब्त हो गई थी। 2009 के लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं सिने स्टार राजबब्बर ने मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू डिंपल यादव को 85343 मतों से हराया था। सपा को अपने गढ़ में मिली मात से हैरान हो गए। इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी प्रो. एसपी सिंह बघेल को छोड़ दें तो भाजपा के भानुप्रताप सिंह सहित 13 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी।
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2014 के लोकसभा के चुनाव में सपा प्रत्याशी अक्षय यादव ने 534583 मतों के साथ भाजपा प्रत्याशी प्रो. एसपी सिंह बघेल को एक लाख 14 हजार 59 मतों से पराजित किया था। बसपा के ठाकुर विश्वदीप सिंह, कांग्रेस के अतुल चतुर्वेदी, भारतीय किसान परिवर्तन पार्टी के उपेंद्र सिंह सहित करीब 13 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा सके थे।
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