बैंक कर्मचारियों ने 18 लाख की धोखाधड़ी की
खतौनी में नौ-नौ लाख के क्रॉप लोन देख उड़े किसान भाइयों के होश
किसानों ने जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला। यमुना तलहटी के दो किसान भाइयों की खेती पर बैंक के दो कर्मचारियाें ने सांठ-गांठकर क्रॉप लोन दर्शाते हुए 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। इसकी जानकारी जब किसानों को हुई तो उसने होश उड़ गए। पीड़ित ने डीएम से बैंक प्रबंधकों, फील्ड आफीसर व अन्य बैंककर्मियों के विरुद्ध धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग है।
मामला नगर की कार्पोरेशन बैंक व पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा टूंडला से जुड़ा है। थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव नगला राजपत, भीकनपुर-बझेरा निवासी लायक सिंह दत्तक पुत्र अनुरुद्ध सिंह की कृषि भूमि है। लायक सिंह का आरोप है कि उनकी भूमि पर विगत 13 दिसंबर 2014 को बैंक के प्रबंधक, फील्ड आफीसर व बैंककर्मियों ने फर्र्जी तरीके से कृषि लोन दर्शाते हुए नौ लाख रुपये उसके भाई उदयवीर सिंह की भूमि पर पंजाब एंड सिंध ने विगत 22 दिसंबर को क्रॉप लोन दर्शाते हुए नौ लाख की धोखाधड़ी की है। इसकी जानकारी लायक सिंह व उदयवीर को तब हुई, जब गत 10 फरवरी 2015 को तहसील पहुंचकर उन्होंने खतौनी की नकल निकलवाई। उनकी जमीन पर 18 लाख का लोन देख उनके होश उड़ गए। आरोप है कि बैंक के विविध सलाहकार सुरेशचंद्र शर्मा एडवोकेट ने फर्जी वारिसाला दिया है। बिना पैसा जमा कराए ही उसे भी भूमि मुक्त प्रमाण-पत्र दे दिया है। लायक सिंह ने जिलाधिकारी से उक्त मामले में दोषी बैंककर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं कार्पोरेशन बैंक के फील्ड ऑफीसर भगवान सिंह का कहना है कि उन पर लगाए आरोप गलत हैं। पूरी जानकारी प्रबंधक दे सकते हैं।