फिरोजाबाद। मानसून की फुहारों से भले ही मन मोर की तरह नाचने लगता हो। लेकिन कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लोगों को बारिश में अपना आशियाना भी छोड़ना पड़ता है। जी हां! हम बात कर रहे हैं शहर के ऐसे क्षेत्रों की जहां जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है।
साल के आठ माह तो लोग जैसे-तैसे काट लेते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में यहां नारकीय हालात हो जाते हैं। लोग अपना घर छोड़कर त्रिपाल तानकर जीवन गुजारते हैं। घरों में पानी भरने के बाद नगर निगम की ओर से जलनिकासी के लिए ट्रालियों को लगवाना पड़ता है।
इसमें लाखों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन जलनिकासी का स्थाई हल नहीं निकाला गया। यही कारण है कि कइयों ने मकान बनवाने के बाद बारिश आते ही किराए के मकानों में रहने चले जाते हैं। अचानक बारिश आ जाए तो घरों का सामान बमुश्किल से निकाल पाते हैं। क्या निगम के अधिकारी इन मोहल्लों की इस किल्लत को दूर करने की ओर ध्यान देंगे?
इन मोहल्लों में भरता है बारिश का पानी..
थाना रसूलपुर के सामने किशननगर, ताड़ों वाली बगिया, मोहल्ला छपरिया, नई आबादी सैलई, करबला, श्यामनगर गड्ढा, झील की पुलिया जमुना नगर के साथ बघेल कॉलोनी के आस-पास के इलाके हैं।
बोले क्षेत्र की जनता.....
-किशननगर निवासी इमरान खान ने कहा बारिश के पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। बारिश शुरू होते ही सामान निकालकर ऊंचे स्थान पर जाने को विवश होते हैं। नगर निगम के अफसरों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-आसिफ ने कहा क्षेत्र के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं देता। बरसात के दिनों में घरों में पानी भरने से बाहर निकलना मजबूरी होता है। यदि पानी की निकासी का इंतजाम हो तो राहत मिले।
-शाहनवाज अली ने कहा कि बारिश होने के बाद ट्राली को लगाकर पानी निकालने के नाम पर लाखों रुपये नगर निगम प्रशासन खर्च करता है, लेकिन पानी की निकासी हो सके ये इंतजाम नहीं करता।
-शाकिर भाई ने कहा हमारी समस्या का समाधान कोई नहीं कर रहा है। इसके कारण काफी दिक्कत का सामना करना ही पड़ रहा है। जिला प्रशासन को चाहिए कि समस्या का हल कराएं। ताकि राहत मिल सके।
किशननगर, छपरिया सहित कई मोहल्लों में मकान गड्ढों में बना लेने के कारण दिक्कत है। उन क्षेत्रों की गलियां बनाने के साथ जलनिकासी का इंतजाम किया जा रहा है। बारिश के दिनों में दिक्कत नहीं होगी।
विजय कुमार नगर आयुक्त
नगर निगम फिरोजाबाद।