शिकोहाबाद। सावधान! अगर आप एटीएम से रुपये निकालने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइये। रुपये निकालते समय आपके हाथ में फटे और पुराने पांच सौ और 1000 के नोट आ सकते हैं। जिन्हें बदलने के लिए बैंक भी आना-कानी करती हैं। जब उपभोक्ता बैंक प्रबंधकों से शिकायत करते हैं, तो शिकायतकर्ता उन्हें भटकाते हैं।
नगर के मोहल्ला बंशीपुरम निवासी सेवानिवृत्त दरोगा दिगंबर सिंह का स्टेट बैंक में खाता है। खाते में उनकी पेंशन आती है। स्टेट बैंक में भीड़ होने के कारण उन्होंने एटीएम लिया। गुरुवार दोपहर सवा तीन बजे नारायन रेलवे स्टेशन स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये निकले तो उसमें पांच-पांच सौ के दो नोट फटे और पुराने निकले।
जब उपभोक्ता रुपये लेकर एक्सिस बैंक पहुंचे तो प्रबंधक ने उन नोटों को बदलने से इंकार कर दिया। जब बैंक के एटीएम से रुपये निकलने की बात कही तो प्रबंधक ने उन्हें स्टेट बैंक में शिकायत दर्ज कराने की कहकर टरका दिया। ज्यादा कहने पर उन्होंने कहा कि एटीएम में रुपये भरने का काम प्राइवेट कंपनी करती है, बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं है। शिकायत के आधार पर एटीएम में लगे कैमरे की रिकार्डिंग देखने के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।