फिरोजाबाद। सूरत के कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। डीआईओएस और नोडल अधिकारी ने कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की। कई कोचिंग संचालकों ने टीम देखते ही छुट्टी कर दी। बिना मानक चल रहे सेंटरों को नोटिस जारी किए हैं।
डीआईओएस रितु गोयल के नेतृत्व में सर्वप्रथम टीम ने स्टेशन रोड पर संचालित रे-क्लासेज पर छापेमार कार्रवाई की। यहां कक्षाएं बेसमेंट (तलघर) में कक्षाएं चल रही थीं। यहां 250 छात्रों का पंजीकरण था, किंतु 295 छात्र एक शिफ्ट में ही पढ़ते पाए गए।
डीआईओएस ने नेशनल बिल्डिंग कोड के अभिलेख मांगे, मगर नहीं दिखा सके। स्टेशन रोड स्थित झा क्लासेज में छात्र संख्या 240 मिली। तलघर में कक्षाएं लगी मिलने पर डीआईओएस ने दूसरे स्थान पर कक्षा चलाने के निर्देश दिए।
विद्यार्थियों के लिए शौचालय, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। श्योर क्लासेज में टीम को 240 बच्चे पढ़ते मिले। जबकि पंजीकरण 50 बच्चों का ही था। यहां भी तलघर में कक्षाएं संचालित मिलीं। नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
सरकारी शिक्षक भी पढ़ा रहे कोचिंग
डीआईओएस को कोचिंग में पढ़ा रहे सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के नाम भी मिले हैं। उन कोचिंग सेंटर पर छापेमारी गुप्त रूप से कराई जाएगी। 24 से अधिक नाम डीआईओएस कार्यालय पहुंचे हैं। डीआईओएस ने बताया कि अगर किसी कोचिंग पर कोई सरकारी शिक्षक पढ़ाते हुए मिला तो कोचिंग संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।